इंदौर में अतिक्रमण हटाने के दौरान हंगामा, एडिशनल डीसीपी से धक्कामुक्की के बाद छह लोग हिरासत में
साउथ तोड़ा में निगम की कार्रवाई का विरोध, युवक पर एडिशनल डीसीपी को धक्का देने का आरोप

जनोदय पंच। इंदौर के साउथ तोड़ा क्षेत्र में बुधवार को अतिक्रमण हटाने की नगर निगम की कार्रवाई के दौरान हंगामा हो गया। विरोध कर रहे लोगों और पुलिस-निगम टीम के बीच धक्कामुक्की हुई। इस दौरान एक युवक पर एडिशनल डीसीपी को धक्का देने का आरोप है। घटना के बाद छह लोग हिरासत में लिए गए।
नगर निगम ने बुधवार को वार्ड क्रमांक 60 के साउथ तोड़ा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई के दौरान नाले के ऊपर किए गए अवैध निर्माण और नदी से करीब 30 मीटर क्षेत्र में किए गए अतिक्रमण को हटाया गया। निगम की टीम ने करीब 50 दुकानों और 12 से 13 मकानों पर बुलडोजर चलाया।
कार्रवाई के लिए निगम की पांच जेसीबी और तीन पोकलेन मशीनें लगाई गई थीं। मौके पर निगम के 100 से अधिक कर्मचारी मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 80 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। एसडीएम, तहसीलदार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी कार्रवाई की निगरानी कर रहे थे।
विरोध के दौरान बिगड़ी स्थिति, एडिशनल डीसीपी को धक्का देने का आरोप
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने विरोध करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब सब एडिशनल डीसीपी मामले को संभालने के लिए खुद आगे आए। इसी दौरान एक युवक पर एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल को धक्का देने का आरोप है। धक्का लगने से दिशेष अग्रवाल संतुलन खोकर जमीन पर गिर पड़े।
घटना के बाद पुलिस ने तत्काल युवक को पकड़ लिया। हंगामे के बीच पुलिस ने छह लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए मौके पर कार्रवाई जारी रखी।
सरकारी कार्रवाई में बाधा डालने पर कार्रवाई की चेतावनी
अधिकारियों का कहना है कि सरकारी कार्रवाई में बाधा डालने, पुलिस से धक्कामुक्की करने और कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों से संबंधित मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
अतिक्रमण के खिलाफ अभियान जारी रखने की बात
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि शहर में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। साउथ तोड़ा क्षेत्र में हुई कार्रवाई के दौरान नाले और नदी के आसपास किए गए अतिक्रमण को हटाया गया।



