इंदौर में साइबर ठगी के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार
जूनी इंदौर थाना पुलिस ने अलग-अलग राज्यों में सामने आई शिकायतों के आधार पर आरोपियों से पूछताछ शुरू की

जनोदय पंच। इंदौर में जूनी इंदौर थाना पुलिस ने ऑनलाइन ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे बैंक खाते उपलब्ध कराने के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के खिलाफ कई राज्यों में शिकायतें सामने आई हैं। मामले में आठ दिन का पुलिस रिमांड लिया गया है।
जूनी इंदौर थाना पुलिस की कार्रवाई में ऑनलाइन साइबर फ्रॉड के लिए बैंक अकाउंट उपलब्ध कराने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में रितिक, प्रिंस और शिवराज शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपी अलग-अलग राज्यों में साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े हुए थे।
कई राज्यों में शिकायतों की जानकारी
पुलिस के अनुसार जांच के दौरान आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक और बिहार समेत कई राज्यों में आरोपियों के खिलाफ शिकायतों की जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में एक दर्जन से ज्यादा शिकायतें सामने आई हैं।
खाते उपलब्ध कराने के बदले कमीशन मिलने की बात
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी साइबर ठगी करने वाले लोगों को बैंक अकाउंट उपलब्ध करवाते थे। पुलिस के अनुसार अकाउंट खुलवाने के बदले करीब पांच हजार रुपये तक कमीशन मिलता था, जबकि खाते में ठगी की रकम आने पर करीब दस प्रतिशत कमीशन दिए जाने की बात सामने आई है।
आठ दिन के पुलिस रिमांड पर आरोपी
पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आठ दिन का पुलिस रिमांड लिया है। रिमांड के दौरान पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने कितने बैंक अकाउंट उपलब्ध कराए, इन खातों में कितनी रकम आई और ठगी की रकम आगे किन लोगों तक पहुंचाई गई। पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। पुलिस रिमांड के दौरान पूरे नेटवर्क और पैसों के लेन-देन को लेकर विस्तृत पूछताछ करेगी।



