इंदौर में सस्ते प्लॉट के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा, फर्जी रजिस्ट्री दिखाकर ठगी करने वाले तीन गिरफ्तार
सरकारी विभागों की नकली सील और कूटरचित दस्तावेज से लोगों को फंसाते थे आरोपी, पुलिस ने डीडी समेत अन्य सामग्री की जब्त

जनोदय पंच। इंदौर में सस्ते दामों पर प्लॉट दिलाने के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े का विजय नगर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। आरोपी फर्जी सरकारी सील और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर लोगों को प्लॉट देने का झांसा देते थे। पुलिस ने गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
विजय नगर पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनोहर उर्फ धर्मेंद्र, संतोष राजपूत और आदित्य पिता करुणाकर थम्मो के रूप में हुई है। आरोपी लोगों को बाजार से कम कीमत पर प्लॉट दिलाने का झांसा देते थे। इसके बाद भरोसा जीतने के लिए उन्हें फर्जी रजिस्ट्री और अलॉटमेंट लेटर दिखाए जाते थे।
फर्जी सील और कूटरचित दस्तावेज तैयार किए
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जीवाड़े के लिए सरकारी विभागों की नकली सील और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर रखे थे। इन्हीं दस्तावेजों और फर्जी रजिस्ट्री व अलॉटमेंट लेटर के जरिए लोगों को प्लॉट देने के नाम पर रकम ऐंठी जा रही थी।
8 लाख 25 हजार रुपये के डीडी बरामद
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों के कब्जे से करीब 8 लाख 25 हजार रुपये के डीडी बरामद किए हैं। इसके अलावा 9 फर्जी सरकारी सील, कंप्यूटर, सर्वर, मोबाइल फोन और बड़ी संख्या में कूटरचित दस्तावेज भी पुलिस ने जब्त किए हैं।
गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि गिरोह ने अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। पुलिस इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी जानकारी भी जुटा रही है।



