कुण्डिया-मेंदल्यापानी मार्ग के शेष 4 कि.मी. सड़क निर्माण हेतु राज्यपाल के नाम ज्ञापन, 30 दिवस में कार्य प्रारंभ न होने पर धरना-घेराव की चेतावनी

जनोदय पंच। सेंधवा। कुण्डिया से मेंदल्यापानी तक शेष 4 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने की मांग को लेकर कुण्डिया-मेंदल्यापानी-वरला रोड निर्माण संघर्ष समिति एवं क्षेत्रीय ग्रामीणजनों द्वारा दिनांक 16 फरवरी 2026 से तहसील कार्यालय वरला से पदयात्रा प्रारंभ की गई।
यह पदयात्रा खारिया, बाखरली, मेंदल्यापानी, कुण्डिया, मालवन, सोलवन, नांदिया, शाहपुरा, बाबदड, अंजनगांव, छोटा जुलवानिया होते हुए 17 फरवरी 2026 को विकासखण्ड कार्यालय सेंधवा पहुंची, जहां महामहिम मंगुभाई छगनभाई पटेल (राज्यपाल, मध्य प्रदेश) के नाम से ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), सेंधवा को सौंपा गया।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि दिनांक 30 अक्टूबर 2025 को “जन संघर्ष समिति, वरला” द्वारा माननीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग, विधायक सेंधवा एवं जिला कलेक्टर बड़वानी को ज्ञापन प्रस्तुत किया गया था तथा 03 दिसंबर 2025 को एक दिवसीय सांकेतिक धरना-प्रदर्शन भी किया गया था, किंतु आज दिनांक तक निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सोलवन फाटे से कुण्डिया तथा मेंदल्यापानी से वरला तक सड़क निर्माण पूर्ण हो चुका है, परंतु बीच का लगभग 4 किलोमीटर का भाग आज भी अत्यंत जर्जर एवं अधूरा है। इससे लगभग 10दृ12 आदिवासी ग्रामकृकुण्डिया, मालवन, सोलवन, अंबापानी, कोलकी, आसरापानी, बढ़ियापानी, हेलगापानी, बाखरली, खारिया, पेंढारन्या, खुटवाड़ी एवं वरलाकृके हजारों ग्रामीण प्रभावित हैं। कई ग्रामवासियों को 25 से 50 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय कर सेंधवा या वरला मुख्यालय पहुंचना पड़ता है।

पदयात्रा में प्रमुख रूप से पोरलाल खर्ते (पूर्व लोकसभा प्रत्याशी एवं संरक्षक), गुच्छा जमरा (सरपंच, मेंदल्यापानी एवं संयोजक), ओमप्रकाश पांडेय (पूर्व सरपंच, वरला एवं मार्गदर्शक), सीताराम बर्डे (जनपद उपाध्यक्ष, सेंधवा), अनिल रावत (पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, आदिवासी एकता परिषद), दुरसिंग पटेल (जिला अध्यक्ष, जिला पटेल सांसद संघ, बड़वानी), भुवान सिंह जाधव (प्रदेश सचिव, सेवा दल), शांताराम खर्ते (प्रदेश महासचिव, मध्यप्रदेश आदिवासी कांग्रेस), अजय द्विवेदी (अध्यक्ष, कांग्रेस कमेटी वरला), राजेंद्र गाडवे (अध्यक्ष, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सेंधवा) सहित हरचंद माली, वासुदेव पाटील, परसराम सेनानी, नामदेव थोराट, भगवान मांगु (पूर्व सरपंच), फूलसिंह डावर, राजेंद्र अहिरे, कैलाश डावर, प्रविण आर्य, अजय नरगावे, ईश्वर रावत, राजेश सुल्या एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन शामिल रहे।
संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि आगामी 30 दिवस के भीतर सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया जाता है, तो “कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), सेंधवा” का धरना-घेराव किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी।
समिति ने महामहिम राज्यपाल महोदय से अनुरोध किया है कि उक्त मार्ग को अत्यावश्यक श्रेणी में लेते हुए शीघ्र स्वीकृति एवं निर्माण कार्य प्रारंभ कराने हेतु संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया जाए।



