सेंधवा में 25 किमी पैदल चलकर ग्रामीणों का अनोखा विरोध, सड़क निर्माण की मांग तेज, सेंधवा के कोलकी गांव में 486 लाख की सड़क योजना अटकी, वर्षों से जर्जर मार्ग
सेंधवा विधानसभा में सड़क बदहाली पर ग्रामीणों की चेतावनी, जल्द काम नहीं तो उग्र आंदोलन

जनोदय पंच। सेंधवा। विधानसभा के ग्राम कोलकी के ग्रामीणों ने मूलभूत सुविधाओं के अभाव में 25 किलोमीटर पैदल मार्च कर विरोध जताया। जर्जर सड़क और लंबित निर्माण कार्य से परेशान ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।
पदयात्रा कर दर्ज कराया विरोध
सेंधवा विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत कोलकी के ग्रामीणों ने मंगलवार को मूलभूत सुविधाओं के अभाव में अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। भीषण गर्मी के बावजूद ग्रामीण करीब 25 किलोमीटर की पदयात्रा कर सेंधवा पहुंचे और नायब तहसीलदार सुधीर शर्मा को सीएम के नाम ज्ञापन दिया। ग्रामीणों ने बताया कि यदि जल्द सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।
486 लाख की योजना फाइलों में अटकी
ग्रामीण नीलेश ने बताया कि कोलकी के पटेल फलिया से मोहन पड़ावा तक लगभग 6.84 किलोमीटर लंबी सड़क वर्षों से जर्जर है। वर्ष 2022 में आरईएस (त्म्ै) विभाग ने इस सड़क के लिए 486.58 लाख रुपए की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (क्च्त्) तैयार कर तकनीकी स्वीकृति के लिए भेजी थी। इसके बावजूद आज तक धरातल पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
जनप्रतिनिधियों को अवगत, फिर भी समस्या कायम
सरपंच प्रतिनिधि अटल बिहारी आर्य ने बताया कि कोलकी गांव पूर्व मंत्री और वर्तमान राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतरसिंह आर्य का गृह ग्राम है। इसके बावजूद यहां सड़क की स्थिति दयनीय है। बारिश में सड़क कीचड़ से भर जाती है और गर्मी में गड्ढों के कारण आवागमन ठप हो जाता है। ग्रामीणों ने वर्तमान विधायक मोंटू सोलंकी को भी कई बार अवगत कराया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
प्रदर्शन में जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी
इस पैदल मार्च और प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक, महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुभद्रा परमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रस्तावित बजट को तत्काल स्वीकृति दिलाकर सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि क्षेत्र के हजारों लोगों को आवागमन में हो रही मानसिक और शारीरिक परेशानी से मुक्ति मिल सके।



