कलेक्टर ने की स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा, शत-प्रतिशत प्रसव पूर्व जाँच और मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के सख्त निर्देश

बड़वानी: कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह ने आज कलेक्ट्रेट सभागृह में स्वास्थ्य विभाग के जिला व ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य जिले की सर्वाेच्च प्राथमिकता है, इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं पर रखें विशेष नजर समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्रीमती सिंह ने निर्देशित किया कि मैदानी अमला यह सुनिश्चित करे कि प्रत्येक गर्भवती महिला की कम से कम 4 प्रसव पूर्व जाँच अनिवार्य रूप से हो। उन्होंने प्रेग्नेंसी इंड्यूस्ड हाइपरटेंशन के मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हाई ब्लड प्रेशर के कारण होने वाली जटिलताओं का समय पर प्रबंधन किया जाए, ताकि मातृ मृत्यु के जोखिम को शून्य किया जा सके।
कलेक्टर श्रीमती सिंह ने चाइल्ड डेथ रिव्यू और मैटर्नल डेथ रिव्यू की समीक्षा कर अधिकारियों को निर्देशित किया कि मृत्यु के प्रत्येक मामले का सूक्ष्म विश्लेषण किया जाए ताकि मृत्यु के कारणों की पहचान कर स्वास्थ्य सेवाओं में आवश्यक सुधार किया जा सके। उन्होंने कहा कि रेफरल सिस्टम को और अधिक मजबूत बनाया जाए। स्वास्थ्य एवं महिला एवं बाल विकास विभाग का अमला सक्रियता से कार्य करते हुए ऐसे केंद्र जहां अधिक मृत्यु दर है वहां सतर्कता से कार्य करें।
टीबी और सिकल सेल उन्मूलन पर जोर कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को जिले में सिकल सेल एनीमिया और टीबी उन्मूलन अभियान को मिशन मोड पर चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग बढ़ाई जाए और जो मरीज उपचाररत हैं, उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ समय पर मिलना सुनिश्चित हो। स्वयं फील्ड में जाकर रेड फ्लैग केंद्रों का निरीक्षण करें एवं फ्रंटलाइन वर्कर्स की कराएं श्वन-ऑन-वनश् ट्रेनिंग करवाये जिससे उनकी कार्यक्षमता बढ़े। सभी पूरी एकाग्रता और मेहनत से कार्य करे।
बैठक में डिप्टी कलेक्टर, प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन सहित सभी विकासखंड चिकित्सा अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के अन्य जिला अधिकारी उपस्थित थे।



