सेंधवा। बहन ने दिया जीवन का अनमोल उपहार, नेहा ने भाई को लीवर दान कर बचाई जिंदगी
पति के सहयोग और परिवार के साहस के साथ 12 घंटे चली जटिल सर्जरी, रिश्तों की मिसाल बनी यह पहल

रमन बोरखडे। सेंधवा। सेंधवा शहर से भाई-बहन के रिश्ते में त्याग और समर्पण की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने इंसानियत और परिवार के मायने फिर से जीवंत कर दिए हैं।
नेहा मनीष अग्रवाल (47) ने अपने भाई सुशील कुमार मंगीलाल अग्रवाल (55) को नया जीवन देने के लिए अपने लीवर का हिस्सा दान किया। 18 अप्रैल 2026 को हरियाणा के गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में यह जटिल ट्रांसप्लांट सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न हुई। प्रसिद्ध लीवर विशेषज्ञ डॉ. अरविंदर सिंह सोइन के नेतृत्व में हुई यह प्रक्रिया करीब 12 घंटे तक चली, जिसमें डोनर सर्जरी लगभग 7 घंटे चली। पूरी सर्जरी आधुनिक रोबोटिक तकनीक के माध्यम से की गई।
इस पूरे निर्णय और प्रक्रिया के दौरान नेहा के पति मनीष अग्रवाल (52) ने उनका पूरा साथ दिया। पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच लिया गया यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन मनीष के सहयोग और समर्थन ने नेहा के इस साहसिक कदम को मजबूती दी। नेहा और मनीष के चार बच्चे शुभदा (20), अनुश्री (15), रिद्धि (12) और निकुंज (9)—भी इस पूरे दौर में परिवार के साथ खड़े रहे।
सुशील अग्रवाल, जो मूल रूप से भिकनगांव के निवासी हैं और वर्तमान में इंदौर के शिव मोती नगर, नवलखा में रह रहे हैं, उनके परिवार में पत्नी अनीता (48), बेटी पलक (25) और बेटा अक्षत (23) शामिल हैं। गंभीर स्थिति में पहुंचे सुशील के लिए यह ट्रांसप्लांट जीवनरक्षक साबित हुआ।

भाई की जीवन के लिए बहन का यह कदम रिश्तों की गहराई, विश्वास और त्याग की मिसाल है। एक बहन का अपने भाई के लिए लिया गया यह निर्णय और पति का उसमें दिया गया साथ, परिवार की उस एकजुटता को दर्शाता है जो कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी उम्मीद बनाए रखती है।



