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सिवनी हवाला लूट कांड में हाईकोर्ट से डीएसपी पंकज मिश्रा सहित तीन को राहत, आपराधिक कार्रवाई निरस्त

जस्टिस हिमांशु जोशी की एकलपीठ का फैसला, साक्ष्य के अभाव में राहत, आरक्षक नीरज राजपूत की याचिका खारिज

सिवनी हवाला लूट कांड में हाईकोर्ट ने डीएसपी पंकज मिश्रा, प्रमोद सोनी और पंजू गोस्वामी को राहत देते हुए उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई निरस्त कर दी है। वहीं एक अन्य आरक्षक की याचिका खारिज कर दी गई।


बहुचर्चित सिवनी हवाला लूट कांड में हाईकोर्ट से डीएसपी पंकज मिश्रा सहित दो अन्य को राहत मिली है। जस्टिस हिमांशु जोशी की एकलपीठ ने सुनवाई के बाद पाया कि संबंधित व्यक्तियों की घटनास्थल पर उपस्थिति के ठोस साक्ष्य नहीं हैं। इस आधार पर उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक कार्रवाई को निरस्त कर दिया गया।

याचिका और दलीलें

इस मामले में बालाघाट में पदस्थ पंकज मिश्रा, जबलपुर क्राइम ब्रांच में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल प्रमोद सोनी और कारोबारी पंजू गोस्वामी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि उन्हें बिना ठोस साक्ष्य के केवल अनुमानों और अभिलेखों के आधार पर आरोपी बनाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि वे घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे और केवल फोन व बातचीत के आधार पर उनके खिलाफ दुर्भावना से कार्रवाई की गई।

अदालत का निर्णय

जस्टिस हिमांशु जोशी की एकलपीठ ने साक्ष्यों के अभाव को देखते हुए तीनों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई निरस्त करने के आदेश दिए। वहीं आरक्षक नीरज राजपूत की याचिका को खारिज करते हुए कहा गया कि वह रेड करने वाली टीम का सदस्य था और लगातार एसडीओपी पूजा पांडे के संपर्क में था, इसलिए उस पर की गई कार्रवाई उचित है।

प्रकरण की पृष्ठभूमि

अक्टूबर 2025 में सिवनी के लखनवाड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक कार से लगभग तीन करोड़ रुपये की हवाला राशि जब्त होने का दावा किया था। बाद में यह मामला पुलिस की साजिश के रूप में सामने आया, जिसमें आरोप लगा कि पुलिस टीम ने जब्त राशि का लगभग 1.5 करोड़ रुपये स्वयं हड़प लिया।

गिरफ्तारी और जांच

इस मामले में तत्कालीन एसडीओपी पूजा पांडे सहित 11 पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान बाद में पंकज मिश्रा, प्रमोद सोनी और पंजू गोस्वामी को भी आरोपी बनाया गया था। इसी के खिलाफ तीनों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

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