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नई दिल्ली में भाजपा में शामिल होने के बाद संदीप पाठक पर पंजाब में दो केस दर्ज, सियासी विवाद तेज
दलबदल के बाद कानूनी कार्रवाई से बढ़ी हलचल, ट्राईडेंट इंडस्ट्री मामले में हाईकोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी किया


नई दिल्ली में आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए राज्यसभा सांसद संदीप पाठक की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। पंजाब के अलग-अलग जिलों में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों में दो केस दर्ज किए गए हैं, जिनमें गैर-जमानती धाराएं लगाई गई हैं।
25 अप्रैल को संदीप पाठक ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा समेत अन्य नेताओं के साथ भाजपा जॉइन की थी। उनके साथ राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, विक्रमजीत साहनी, राजेंद्र गुप्ता और स्वाति मालीवाल भी शामिल हुए थे। इस सामूहिक दलबदल से राजनीतिक माहौल पहले ही गरम था, जिसमें अब कानूनी कार्रवाई ने और तीखापन ला दिया है।
अरविंद केजरीवाल के करीबी माने जाने वाले संदीप पाठक पार्टी के अंदर रणनीतिकार की भूमिका में थे। पंजाब विधानसभा चुनाव में उनकी रणनीति को आम आदमी पार्टी की जीत का बड़ा कारण माना गया था। उन्हें पार्टी का चाणक्य कहा जाता था। हालांकि समय के साथ उनकी स्थिति कमजोर होती गई और उन्हें पंजाब प्रभारी पद से हटाकर छत्तीसगढ़ का प्रभारी बनाया गया, जबकि मनीष सिसोदिया को पंजाब की जिम्मेदारी दी गई।
AAP छोड़ने वाले उद्योगपति राजेंद्र गुप्ता की कंपनी पर कार्रवाई ने विवाद को और बढ़ा दिया है। पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) ने बरनाला स्थित ट्राईडेंट इंडस्ट्री की यूनिट पर छापा मारा, जिसके बाद कंपनी ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया है और PPCB ने 4 मई तक कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन दिया है।
एक तरफ संदीप पाठक पर दर्ज केस और गिरफ्तारी की आशंका, दूसरी तरफ उद्योगपति पर कार्रवाई ने पंजाब और राष्ट्रीय राजनीति में टकराव को और तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में इस मामले के और ज्यादा राजनीतिक रूप लेने की संभावना जताई जा रही है।