तीन दिन चला सड़क मरम्मत कार्य, मंत्री दौरे के बाद बंद होने पर जांच की मांग सामाजिक
सामाजिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता बी.एल. जैन ने मुख्यमंत्री सहित विभागीय अधिकारियों को पत्र भेजकर उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई।

जनोदय पंच। सेंधवा से पलसुद होते हुए बड़वानी अंतरप्रांतीय मार्ग पर टोल वसूली के बावजूद सड़क मरम्मत कार्य बंद होने पर सामाजिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता बी.एल. जैन ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री सहित विभागीय अधिकारियों को पत्र भेजकर जांच और मरम्मत शुरू होने तक टोल वसूली रोकने की मांग की है।
सेंधवा। टोल प्लस एन्युटी योजना के तहत निर्मित सेंधवा से व्हाया पलसुद बड़वानी अंतरप्रांतीय मार्ग का मरम्मत कार्य पिछले 16 दिनों से बंद पड़ा है। जबकि इस कार्य के लिए 78 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति 30 मार्च को मुख्य अभियंता द्वारा जारी की जा चुकी है। सामाजिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता बी.एल. जैन ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री, लोक निर्माण मंत्री, प्रबंध संचालक एवं मुख्य अभियंता एमपीआरडीसी तथा कलेक्टर बड़वानी को पत्र भेजकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
बी.एल. जैन ने बताया कि 57 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का निर्माण वर्ष 2011-12 में टोल योजना के तहत हुआ था, जिसकी अवधि दिसंबर 2026 में समाप्त होगी। लंबे समय से रखरखाव नहीं होने पर उन्होंने पिछले चार महीनों से विभागीय अधिकारियों को शिकायत भेजी थी। इसके बाद 1 अप्रैल से एमपीआरडीसी ने टोल कंपनी का अनुबंध समाप्त कर टोल कलेक्शन अपने अधीन ले लिया।
केवल मंत्री प्रवास तक चला कार्य
बी.एल. जैन के अनुसार लगातार पत्र व्यवहार के बाद 22 से 24 अप्रैल तक बड़वानी से सिलावद के बीच मरम्मत कार्य कराया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि 25 अप्रैल को लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के सिलावद प्रवास को देखते हुए ही रात-दिन कार्य कर सड़क सुधारी गई, ताकि विभाग की छवि बेहतर दिखाई दे सके। मंत्री के लौटते ही 25 अप्रैल से कार्य बंद कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों से जानकारी लेने पर भी कार्य बंद होने का कोई ठोस कारण नहीं बताया गया। बी.एल. जैन ने सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि बदहाल सड़क पर टोल वसूली नहीं होना चाहिए। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करते हुए मरम्मत कार्य शुरू होने तक टोल वसूली स्थगित करने की मांग की है।




