इंदौर में फर्जी अधिकारी बनकर होटल में जमा रहा था रौब, मोबाइल में मिले संदिग्ध दस्तावेजों से खुलेंगे राज
लसूड़िया थाना क्षेत्र के मामले में आरोपी की पुलिस रिमांड दो दिन बढ़ी, सोशल मीडिया और डिजिटल पेजों की भी हो रही जांच

जनोदय पंच। इंदौर के लसूड़िया थाना क्षेत्र में फर्जी अधिकारी बनकर रौब जमाने के मामले में पुलिस की जांच जारी है। आरोपी की रिमांड दो दिन बढ़ाई गई है। मोबाइल से मिले संदिग्ध दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है और डिजिटल गतिविधियों की भी जांच हो रही है।
होटल में खुद को अधिकारी बताकर जमा रहा था रौब
इंदौर के लसूड़िया थाना क्षेत्र में पकड़े गए फर्जी अधिकारी से जुड़े मामले में पुलिस जांच लगातार आगे बढ़ रही है। आरोपी को पहले एक दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया था। पूछताछ और तकनीकी जांच के लिए कोर्ट ने उसकी रिमांड दो दिन और बढ़ा दी है।
बताया गया कि आरोपी इंदौर के होटल शेरटन में ठहरा हुआ था और वहां खुद को अधिकारी बताकर रौब जमा रहा था। होटल प्रबंधन को उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया।
मोबाइल में मिले संदिग्ध दस्तावेजों की जांच
पुलिस ने आरोपी के मोबाइल की जांच की, जिसमें कुछ संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं। पुलिस इन दस्तावेजों का वेरिफिकेशन कर रही है। इसके साथ ही आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट, वेबसाइट और उससे जुड़े डिजिटल पेजों की भी जांच की जा रही है।
जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि आरोपी ने खुद को अधिकारी बताकर किन-किन लोगों को प्रभावित किया और इस फर्जी पहचान का इस्तेमाल कहां-कहां किया।
आर्थिक लाभ हासिल करने के मकसद की जांच
क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि आरोपी हिमांशु का मकसद लोगों पर रुतबा और प्रभाव जमाकर भ्रम की स्थिति पैदा करना और आर्थिक लाभ हासिल करना था। वह होटल का बिल अपने पीए से भुगतान कराने जैसी बातें भी कर रहा था।
हालांकि, अब तक की जांच में किसी ड्राइवर, गनमैन या नकली आईडी कार्ड की बरामदगी सामने नहीं आई है। पुलिस अब मोबाइल में मिले दस्तावेजों और डिजिटल फुटप्रिंट्स के जरिए आरोपी की पूरी गतिविधियों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।


