सेंधवा में मां के निधन पर पुत्रों ने करवाया नेत्रदान, दो जरूरतमंदों को मिलेगी नई रोशनी की उम्मीद
छह माह पहले परिवार ने भरा था नेत्रदान का संकल्प पत्र, पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए हुआ इको-फ्रेंडली अंतिम संस्कार

जनोदय पंच। सेंधवा में मानव सेवा समिति की नेत्रदान जनजागृति मुहिम के बीच एक और नेत्रदान संपन्न हुआ। रामकटोरा नालेपार निवासी महिला के निधन के बाद परिजनों ने दोनों कॉर्निया दान किए। कॉर्निया इंदौर के आई बैंक भेजे गए, जहां दो जरूरतमंदों के उपचार में उपयोग होंगे।
छह माह पहले परिवार ने लिया था नेत्रदान का संकल्प
सेंधवा। रामकटोरा नालेपार निवासी सोनीबाई सुरेश वाड़ीले का 62 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके पुत्र राहुल वड़ीले और विशाल वड़ीले ने मां के निधन के बाद नेत्रदान करवाया। खास बात यह रही कि परिवार ने करीब छह माह पहले 13 फरवरी को छोटे बेटे के विवाह आयोजन के दौरान पति-पत्नी, दोनों पुत्रों और दोनों बहुओं के साथ नेत्रदान के संकल्प पत्र भरे थे।
सूचना मिलने पर चिकित्सकों ने निकाले दोनों कॉर्निया
सोनीबाई वाड़ीले के निधन के बाद नेत्रदान के लिए गोपी अग्रवाल ने मानव सेवा समिति सेंधवा के संचालक नीलेश जैन को जानकारी दी। इसके बाद नीलेश जैन ने नारायणदास अस्पताल के डॉ. आकाश पालीवाल से संपर्क किया। डॉ. आकाश पालीवाल ने सोनीबाई वाड़ीले के दोनों कॉर्निया निकाले। परिजनों ने कॉर्निया का बॉक्स मानव सेवा समिति के महेंद्र परिहार, कालू रैकल और अशोक राठौड़ को सौंपा। कॉर्निया इंदौर के एमके इंटरनेशनल हॉस्पिटल भेजे जाएंगे।
मानव सेवा समिति का 31वां नेत्रदान
मानव सेवा समिति के संचालक समाजसेवी नीलेश जैन ने बताया कि समिति के माध्यम से यह 31वां नेत्रदान संपन्न हुआ है। सेंधवा में भोई समाज का यह पहला नेत्रदान है। कॉर्निया दो जरूरतमंद व्यक्तियों को प्रत्यारोपित कर उनकी दृष्टि लौटाने का प्रयास किया जाएगा।

कंडों से किया गया इको-फ्रेंडली अंतिम संस्कार
वाड़ीले परिवार ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अंतिम संस्कार में लकड़ियों के स्थान पर गोबर से बने कंडों का उपयोग किया। शुक्रवार सुबह 10 बजे मुक्तिधाम में उनका इको-फ्रेंडली अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।
इस अवसर पर मानव सेवा समिति के महेंद्र परिहार ने शहर के सभी समाज प्रमुखों से अपील की कि समाज में कहीं भी गमी होने पर 9425094501, 8926024168 या 9826775981 पर संपर्क करें। उन्होंने बताया कि समिति की टीम परिवार को नेत्रदान के लिए प्रेरित करेगी। इस अवसर पर नारायणदास हॉस्पिटल के डॉ. आकाश पालीवाल आदि उपस्थित थे।


