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गीता का अध्ययन सभी समस्याओं का समाधान है

गीता जयंती पर हुए विविध आयोजन , हुए अनुष्ठान , किया गया सामूहिक पाठ , शाम को हुई भजन संध्या

सेंधवा। आज समूचा विश्व श्रीमद भागवत गीता का अनुसरण कर रहा है , भारत भर में गीता जयंती महोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है । सनातन धर्म श्रीमद भागवत गीता के ज्ञान से दृढ़ होता जा रहा है । गीता में समूचे मानव जीवन का सार छुपा है , सांसारिक ऐसी कोई समस्या नही जिसका समाधान गीता जी के ज्ञान में न छुपा है जरूरत उसे अध्ययन करने की और अपने जीवन मे उतारने की है ।

यह ज्ञान स्वयं भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को उस समय दिया जब अर्जुन मोहवश ,अवसाद में आकर महाभारत में हथियार डाल चुका था फिर इस महान ज्ञान को प्राप्त करने पुनः युद्ध मे खड़ा हुआ और परिणाम में।धर्म की पुनः स्थापना हुई जिसका माध्यम पांडव बने ।


यह कथन मारवाड़ी ब्राह्मण समाज व वुश्व हिन्दू परिषद के जिला अध्ययक्ष गिरिवर दयाल शर्मा ने गीता जयंती पर 60 वर्षाे से अधिक समय से परंपरा का निर्वहन करते हुए वैद्य परिवार व धर्मप्रेमी समाजजनों द्वारा आयोजित गीता जयंती महोत्सव पर शहर के सत्यनारायण मंदिर में व्यक्त किये । सी अवसर पर यादव समाज के श्री प्रसाद यादव जी बताया कि वे 60 के दशक से इस गीता जयंती महोत्सव में शामिल होते आ रहे है । तब आचार्य गजानंद जी वैद्य जी व उनका परिवार शहर के राज राजेश्वर व सत्यनारायण मंदिर में यह आयोजन करता रहा है । तब बड़े वैद्य जी गीता जी के श्लोक पर कई तरह की प्रतियोगिता का आयोजन भी करते थे , तब से लगाकर आज तक परिवार पीढ़ी दर पीढ़ी इस परंपरा का निर्वहन कर रहा है और सनातन धर्म को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दे रहा है । पंडित ब्रजमोहन शास्त्री ने बताया कि गीता जी का पाठ प्रत्येक मनुष्य को चाहे संस्कृत य हिंदी या जिस भी भाषा मे करे उसका अध्ययन करना चाहिए , गीता जी को उपनिषद की संज्ञा प्राप्त है । इसमे समस्त संसार का ज्ञान छुपा है ,यह गागर में सागर है ,यह आयोजन समाजजनों को गीता के ज्ञान से जोड़ने का संकल्प है ।

सजाई धार्मिक गृन्थों की झांकी , हुआ पूजन , अनुष्ठानिक पाठ

प्रत्येक वर्षानुसार इस वर्ष भी गीता जयंती महोत्सव धूमधाम एवं हर्षाेल्लास से शहर के सत्यनारायण मंदिर में मनाया गया । इस अवसर पर शहर के वैद्य जी परिवार द्वारा श्रीमद्भागवतगीता जी एवं धार्मिक ग्रन्थों की झांकी सजाई गई , सुबह 9 बजे श्री कृष्ण स्वरूप भगवान सालाग्राम जी का षोडशोपचार से पूजन अभिषेक किया गया तत्पश्चात आचार्य पंडित मुकेश जी शर्मा एवं पंडित संतोष शर्मा, एवं उपस्थित धर्मावलंबियों द्वारा गीता जी का सामूहिक अनुष्ठानिक पाठ किया गया । तत्पश्चात दोपहर 1 बजकर 30 मिनट पर महा आरती की गई जिसके बाद प्रसाद वितरित किया गया ।


शाम को हुई भजन संध्या
दोपहर धार्मिक अनुष्ठान के बाद शाम को 8 बजकर 30 मिनट पर भजन संध्या का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी जनता ने भाग लिया । भजन गायकों ने भगवान की लीला माधुर्य सुमधुर भजनों को गाया , जिस पर श्रोता जमकर थिरके ।

ये रहे शामिल’-

इस आयोजन पर वैद्य जी परिवार के श्रीमती प्रभावती शर्मा , राजेन्द्र शर्मा ,मारवाड़ी ब्राह्मण समाज अध्ययक्ष गिरिवर दयाल शर्मा , सर्व ब्राह्मण समाज अध्यक्ष बद्रीप्रसाद शर्मा , राधेश्याम शर्मा गोई वाले ,विनोद जी शर्मा , दामोदर शर्मा , डॉ आशुतोष शर्मा , वैद्य कपिलेश शर्मा , रविकांत शर्मा , अविचल शर्मा , निश्चल शर्मा , राधेश्याम जी अग्रवाल खलघाट वाले , कैलाश अग्रवाल काका, शैलेन्द्र अग्रवाल , श्री प्रसाद यादव ,पंडित ब्रजमोहन शास्त्री ,दीपक मालवीय , संत सियारामदास , एडवोकेट मोरेश्वर देसाई, पंडित गोविंद शास्त्री ,पंडित ओमप्रकाश शर्मा , हरि अग्रवाल ,कुशल पंडित , सुनील अग्रवाल , बद्रीप्रसाद जी शर्मा , विनोद जी शर्मा , मुकेश मित्तल सहित बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी जनता ने भाग लिया ।

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