सेंधवा : नीलामी भाव में हेराफेरी, नियम उल्लंघन पर लाइसेंस रद्द होगा, मक्का खरीदी में अनियमितताओं की शिकायतें बढ़ीं, मंडी प्रशासन सक्रिय
किसानों से अवैध कटौती, नीलामी भाव में अंतर और निजी मीटर से नमी जांच की शिकायतों पर मंडी प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी किए।

सेंधवा कृषि उपज मंडी में मक्का खरीदी के दौरान नीलामी भाव में अंतर, नमी के बहाने कटौती और अवैध वसूली की शिकायतों के बाद मंडी प्रशासन सक्रिय हुआ। व्यापारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमों का पालन करें, अन्यथा उनका लाइसेंस निरस्त किया जाएगा।
सेंधवा कृषि उपज मंडी में किसानों से मक्का खरीदी के दौरान नीलामी भाव में अंतर, नमी के आधार पर मनमानी कटौती और हम्माली-तुलाई के नाम पर अवैध वसूली की लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मंडी सचिव ने शहर के सभी अनुज्ञप्तिधारी व्यापारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यापारी का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा।
निजी मीटर से दोबारा नमी जांच पर रोक
मंडी सचिव ने बताया कि नीलामी के दौरान उपज की नमी मंडी के मॉयश्चर मीटर से दर्शाने के बाद ही खरीदी की जाती है। इसके बावजूद कई व्यापारी उपज को अपने प्रतिष्ठान पर ले जाकर निजी मीटर से दोबारा नमी की जांच करते हैं और भाव में मनचाहा अंतर कर देते हैं। इससे किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पाता और यह मंडी लाइसेंस शर्तों का उल्लंघन है।
अवैध कटौती पर किसानों की शिकायतें
सचिव के अनुसार, किसानों ने हम्माली और तुलाई के नाम पर अवैध वसूली की शिकायतें भी दर्ज कराई हैं। किसानों से किसी भी प्रकार की अतिरिक्त कटौती अवैधानिक है। साथ ही यह भी सामने आया है कि आसपास की मंडियों की तुलना में सेंधवा में मक्का और कपास के भाव काफी कम पाए गए, जिससे संदेह की स्थिति बनी हुई है।
सौदा पत्रक के दुरुपयोग पर चेतावनी
मंडी सचिव ने बताया कि कई व्यापारी नीलामी में भाग नहीं लेते और अपने प्रतिष्ठान पर सीधे उपज की खरीदी कर रहे हैं। बाद में इसे सौदा पत्रक से खरीदी बताकर प्रस्तुत किया जाता है, जो मंडी अधिनियम का गंभीर उल्लंघन है। निरीक्षण में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा।




