खरगोन-बड़वानीमुख्य खबरे

बड़वानी; 23 हजार ग्राम रोजगार सहायकों का अल्टीमेटम, 1 अक्टूबर तक मांगें पूरी न हुईं तो 2 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल और आमरण अनशन की चेतावनी

पंचायत सचिवों के समान सुविधाएं और नियमितीकरण के आदेश अटके, मुख्यमंत्री की पुरानी घोषणाओं पर अमल न होने से संघ में आक्रोश

बड़वानी। ग्राम रोजगार सहायक संघ के बैनर तले बुधवार को जिले के ग्राम रोजगार सहायकों ने बड़वानी जिला मुख्यालय पर रैली निकाल कर कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ को मुख्यमंत्री और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रदेशभर के 23 हजार ग्राम रोजगार सहायकों की महत्वपूर्ण मांगे 1 अक्टूबर तक नहीं माने जाने पर 2 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल और आमरण अनशन की चेतावनी दी गई है।

बता दे अब मध्य प्रदेश के लगभग 23,000 ग्राम रोजगार सहायकों (पदेन सहायक सचिव) ने अपनी लंबित मांगों और पूर्व मुख्यमंत्री व वर्तमान मुख्यमंत्रियों द्वारा दिए गए आश्वासनों के बावजूद आदेश जारी न होने पर उग्र आंदोलन की राह पकड़ ली है। बड़वानी जिला ग्राम रोजगार सहायक संघ, मनरेगा ग्राम रोजगार सहायक महासंघ और पंचायत सहायक सचिव कर्मचारी संघ के संयुक्त मोर्चे (मप्र) की ओर से शासन को एक कड़ा ज्ञापन सौंपते हुए 01 अक्टूबर 2026 तक का अल्टीमेटम दिया गया है। चेतावनी दी गई है कि यदि इस समयावधि में मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 02 अक्टूबर 2026 से प्रदेशभर के रोजगार सहायक अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल, कंप्यूटर बंद, धरना-प्रदर्शन, भूख हड़ताल और आमरण अनशन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

मुख्यमंत्री की घोषणा और बैठकों के बाद भी फाइलें ठंडे बस्ते में
ज्ञापन में याद दिलाया गया है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा 28 जून 2023 को मोतीलाल नेहरू स्टेडियम, भोपाल में महापंचायत बुलाकर घोषणा की गई थी कि ग्राम रोजगार सहायकों की नियुक्ति, स्थानांतरण और अन्य सभी प्रक्रियाएं पंचायत सचिवों के समान होंगी (घोषणा क्रमांक सी-2494)। इसके अनुपालन में समिति का गठन भी किया गया, पंचायत मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, वरिष्ठ अधिकारियों और स्वयं मुख्यमंत्री स्तर पर कई दौर की सकारात्मक बैठकें और निर्देश भी दिए गए। इसके बावजूद आज दिनांक तक धरातल पर कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है, जिससे मैदानी कर्मचारियों में भारी निराशा है।

दुर्घटना का शिकार हुए साथियों के परिवारों को भी नहीं मिली राहत
संयुक्त मोर्चे ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि महासम्मेलन में शामिल होने आ रहे जिला रतलाम के चार साथियों की सड़क दुर्घटना में दुखद मृत्यु हो गई थी और अन्य साथी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बावजूद, प्रशासनिक स्तर पर उनके आश्रित परिजनों के लिए अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधान कर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसी प्रकार 24 जुलाई 2026 और 18 अगस्त 2026 को पंचायत मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठकों में 15 दिन के भीतर सेवा शर्तों के निर्धारण, अनुकंपा नियुक्ति, अनुग्रह सहायता राशि, एनपीएस/ईपीएफ कटौती और आयुष्मान योजना से जुड़े आदेश जारी करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे, जो अब तक कागजों में ही दबे हैं।

सरकार की योजनाओं में नंबर-1 बनाने वाले उपेक्षित
संघ का कहना है कि प्रदेश के 23,000 रोजगार सहायकों ने हमेशा सरकार की योजनाओं को धरातल पर अंतिम छोर तक पहुँचाने में पूरी मेहनत की है और कई योजनाओं में मध्य प्रदेश को देश में प्रथम स्थान दिलाया है। इसके बावजूद उनकी अनदेखी की जा रही है। संघ की स्पष्ट मांग है कि रोजगार सहायकों का पंचायत सचिव के पद पर आमेलन कर, पंचायत सचिवों के समान वेतनमान, ग्रेड पे और सभी सुविधाओं का लाभ दिए जाने का आदेश तत्काल प्रभाव से जारी किया जाए।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!