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सेंधवा में नववर्ष पर भक्ति का विराट संगम, सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ, राजराजेश्वर मंदिर से निकली शोभायात्रा, कथा स्थल तक उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब

सेंधवा नगर में श्रद्धा और उल्लास के साथ श्रीमद्भागवत कथा, नगर हुआ भक्तिमय

सेंधवा। रमन बोरखड़े। नववर्ष के पावन अवसर पर सेंधवा नगर में सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ श्रद्धा, भक्ति और उल्लासपूर्ण वातावरण में हुआ। कथा के प्रथम दिन निंबार्काचार्य श्रीजी महाराज श्री श्यामशरण देवाचार्य ने कथा वचन में कहा कि माँ नर्मदा के निकट भागवत कथा का आयोजन परम सौभाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मानव जीवन को सार्थक बनाने के लिए भगवान का स्मरण आवश्यक है और भगवान की दिव्य कथा से ही जीवन का कल्याण होता है। भागवत कथा से प्राप्त पुण्य मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करता है। यह आयोजन निंबार्काचार्य पीठाधीश्व श्री राधासर्वेश्वर शरणदेवचार्य श्री श्रीजी महाराज के निकुंज प्रवेश तिथि एवं स्व. विष्णुप्रसाद यादव की स्मृति में किया जा रहा है, जिनका संपूर्ण जीवन गौ सेवा, संत सेवा और मानव सेवा में समर्पित रहा।

आयोजक परिवार व गणमान्यजनों ने किया पूजन

कथा के पहले दिन कथा आयोजक स्व. विष्णुप्रसाद यादव के परिजन नपा अध्यक्ष बसंती बाई यादव, पुत्र संजय यादव, जितेंद्र यादव, श्रीप्रसाद यादव ने विधिवत भागवत पोथी एवं आचार्य का पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर अजजा आयोग राष्ट्रीय अध्यक्ष अंतरसिंह आर्य, सत्यनारायण यादव, ओमप्रकाश यादव, वासुदेव यादव, प्रहलाद यादव, दामोदर शर्मा, जयंत शर्मा, राजेंद्रसिंह रघुवंशी, चेतन अग्रवाल, राजेश सोनी, नरेंद्र तायल, डॉ दिनेश गौड़, गिरवर शर्मा, राजेंद्र शर्मा, गोपाल यादव, चंद्रभागा किराड़े, मोतीलाल चौधरी, श्याम लाठी आदि ने पूजन कर गुरूदेव का आर्शिवाद लिया।
कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने कथा आयोजन की सफलता और नगर की सुख-समृद्धि की कामना की।

भव्य शोभायात्रा से नगर हुआ भक्तिमय

कथा के शुभारंभ से पूर्व किला परिसर स्थित श्री राजराजेश्वर मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। जिसने पूरे नगर को भक्तिमय बना दिया। शोभायात्रा मार्ग पर जगह-जगह समाजजनों और सामाजिक संगठनों ने शोभायात्रा का स्वागत किया। मोतीबाग चौक पर सनसाइन मेन्स वियर संचालक राकेश सोनी परिवार ने गुब्बारों की वर्षा कर शोभायात्रा का अनोखा और भव्य स्वागत किया। शोभायात्रा को लेकर सड़क मार्ग को सजाया गया था। साथ ही कई स्थानों पर आकर्षक रंगोलियां बनाई गईं थी। विभिन्न सामाजिक संगठनों और श्रद्धालुओं द्वारा पुष्प वर्षा कर निंबार्काचार्य जी, भागवत कथा पोथी एवं शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत किया गया। भागवत कथा के यजमान जितेंद्र यादव सपत्नी श्रद्धापूर्वक भागवत पोथी को शिरोधार्य कर निंबार्काचार्य श्री श्रीजी महाराज श्री श्यामशरण देवाचार्य के साथ पैदल चल रहे थे। श्रीजी महाराज की झलक के प्रति श्रद्धालुओं का आकर्षण पूरे आयोजन में बना रहा।

झांकियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहीं आकर्षण

शोभायात्रा में सबसे आगे बैंड-बाजों के साथ आलीराजपुर से आए आदिवासी युवक-युवतियां पारंपरिक वेशभूषा में लोक नृत्य करते हुए चल रहे थे। जिला जनपद सदस्य कविता आर्य और जनपद अध्यक्ष लता पटेल आदिवासी पोशाक में लगभग 100 से अधिक जनजातीय महिलाओं के साथ शोभायात्रा में शामिल हुईं। जिससे सामाजिक समरसता का संदेश मिला। भगवान श्रीकृष्ण-राधा की सजीव झांकियां, चार वीर वीरांगनाओं की घुड़सवारी और बग्गी में विराजमान जगद्गुरु निम्बार्काचार्य पीठाधीश्वर श्री राधासर्वेश्वरशरणदेवाचार्य श्री “श्रीजी” महाराज का चित्र श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा। यह शोभायात्रा दोपहर 12. बजे राजराजेश्वर मंदिर से प्रारंभ होकर लगभग 1.30 बजे कथा स्थल पहुंची। कथा स्थल के समीप कुटिया, गाय-बछड़े और भगवान श्रीकृष्ण की आकर्षक झांकी ने धार्मिक वातावरण को साकार किया। सात दिनों तक चलने वाली इस कथा से नगर में आध्यात्मिक चेतना का संचार शुरू हो गया है।

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