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सेंधवा में चंद्रयान साधकों द्वारा 108 घरों में गृहे गृहे गायत्री महायज्ञ, घर-घर यज्ञ से देव संस्कृति निर्माण का संकल्प

सेंधवा। देव संस्कृति के निर्माण, परिवारों में संस्कार जागरण तथा आध्यात्मिक वातावरण के विस्तार के उद्देश्य से गायत्री धाम, सेंधवा द्वारा रविवार, 23 अगस्त 2026 को “108 घरों में गायत्री महायज्ञ” का विशेष अभिनव अभियान आयोजित किया गया। अभियान के अंतर्गत प्रातः 8:30 बजे से विभिन्न घरों में गायत्री यज्ञ एवं उपासना का आयोजन किया गया।

अभियान का मूल भाव “गृहे-गृहे गायत्री यज्ञ उपासना” है। आयोजकों के अनुसार यज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि परिवार में सद्भाव, संस्कार, संयम, पर्यावरण चेतना एवं देव संस्कृति के मूल्यों को स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है।

12 राज्यों एवं नेपाल से पधारे चंद्रायण युग साधकों की सहभागिता

इस महायज्ञ अभियान में 12 राज्यों एवं नेपाल देश से पधारे चंद्रायण युग साधकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। अभियान में वर्तमान में कुल 59 चंद्रायण युग साधक सहभागी रहे। इनमें विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े साधक-साधिकाएँ शामिल हैं।

साधकों के माध्यम से अधिकाधिक परिवारों तक यज्ञ, गायत्री उपासना एवं संस्कारयुक्त जीवन का संदेश पहुँचाने का प्रयास किया गया। इस अभियान का उद्देश्य केवल 108 घरों में यज्ञ संपन्न करना ही नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार में आध्यात्मिक चेतना एवं सकारात्मक जीवन मूल्यों का विस्तार करना है।

घर-घर आध्यात्मिक चेतना का संकल्प

108 घरों में गायत्री महायज्ञ के माध्यम से परिवारों में आध्यात्मिक वातावरण निर्मित करने के साथ-साथ उन्हें भारतीय संस्कृति, यज्ञीय जीवनशैली, संस्कार एवं सामाजिक सद्भाव से जोड़ने का संदेश दिया गया।

अभियान का प्रेरक संदेश है—

«“घर-घर यज्ञ • घर-घर संस्कार • घर-घर देव परिवार”»

युगऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी ने परिवार निर्माण को समाज निर्माण की आधारशिला माना। इसी भावना के साथ यज्ञ एवं गायत्री उपासना को परिवार निर्माण तथा देव संस्कृति निर्माण के व्यापक आंदोलन से जोड़कर आगे बढ़ाया जा रहा है।

इस अवसर पर साधकों एवं श्रद्धालुओं से गायत्री यज्ञ, उपासना एवं संस्कारमय जीवन के माध्यम से इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया गया।

आयोजन का प्रेरक संदेश

“देव संस्कृति के निर्माता — यज्ञ पिता, गायत्री माता” के भाव के साथ आयोजित यह अभियान आध्यात्मिक साधना को परिवार एवं समाज के जीवन से जोड़ने की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल रहा।

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