सेंधवा में महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्यपाल के नाम ज्ञापन, किसानों-युवाओं को राहत की मांग
अनुविभागीय अधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन में आमजन, किसान, महिला और युवाओं से जुड़े मुद्दे उठाए गए।

जनोदय पंच। सेंधवा में प्रदेश और देश में बढ़ती महंगाई, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, आदिवासियों पर अत्याचार, खाद-बीज की कीमत, बस किराया तथा पेट्रोल-डीजल और गैस टंकी के भाव नियंत्रित करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। राज्यपाल के नाम ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी
कार्यालय में दिया गया। इसमें कहा गया कि बढ़ती महंगाई से आम परिवारों का घरेलू बजट बिगड़ गया है। बेरोजगारी के कारण युवाओं के सामने रोजगार का संकट बढ़ रहा है।

ज्ञापन में कहा गया कि पेट्रोल-डीजल एवं गैस टंकी की कीमतों में वृद्धि से बसों और गाड़ियों के किराये में बढ़ोतरी हो रही है। इससे आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है और परिवारों के पालन-पोषण में परेशानी सामने आ रही है।
किसानों और आदिवासियों के मुद्दे उठाए
ज्ञापन में मध्यप्रदेश में आदिवासियों पर हो रहे अत्याचारों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि इससे उनके सम्मान और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंच रही है। किसानों की स्थिति को भी चिंताजनक बताते हुए खाद-बीज, कीटनाशक और कृषि सामग्री की बढ़ती कीमतों का मुद्दा उठाया गया।

भ्रष्टाचार पर भी कार्रवाई की मांग
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि सरकारी कार्यों में अधिकारी एवं कर्मचारी बिना लेन-देन आम नागरिकों का कार्य नहीं कर रहे हैं। इसे अत्यंत चिंताजनक बताते हुए शासन से आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर आमजन, किसान, महिला और युवाओं को राहत दिलाने की मांग की गई।
ज्ञापन देने के दौरान ब्लॉक कांग्र्रेस अध्यक्ष राजेंद्र गाडवे, इकबाल शाह, किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष सिलदार सोलंकी, प्रशांत सेन सहित कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।



