सेंधवा; एक दिसंबर के किसान महाआंदोलन को लेकर प्रशासन सतर्क, प्रशासन ने किसान नेताओं से जानी स्थितियां, जिलाध्यक्ष सोलंकी बोले- आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा
किसान महाआंदोलन से पहले सेंधवा में अधिकारियों और किसान नेताओं की बैठक, आंदोलन की पृष्ठभूमि और मांगों पर विस्तृत चर्चा।

सेंधवा। 1 दिसंबर को खलघाट टोल प्लाज़ा पर प्रस्तावित किसान महाआंदोलन और फोरलेन चक्का जाम को लेकर प्रशासन ने सेंधवा में बैठक आयोजित की। बैठक में कानून-व्यवस्था, संभावित प्रभाव और आंदोलन की पृष्ठभूमि पर चर्चा की गई तथा संबंधित पक्षों से आवश्यक जानकारियां ली गईं।
खरगोन जिले के खलघाट टोल प्लाज़ा पर 1 दिसंबर को आयोजित होने वाले किसान महाआंदोलन और फोरलेन चक्का जाम को देखते हुए प्रशासन सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में शनिवार को सेंधवा में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें आंदोलन से पूर्व स्थिति की समीक्षा की गई।
बैठक में एसडीएम सेंधवा श्री आशीष, एसडीओपी सेंधवा अजय वाघमारे , तहसीलदार मनीेष पांडे, थाना प्रभारी सेंधवा शहर बलजीत सिंह बिसेन, थाना प्रभारी सेंधवा ग्रामीण सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासनिक टीम ने मध्य प्रदेश किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष सिलदार सोलंकी, से मुलाकात कर आंदोलन की पृष्ठभूमि, मुख्य मांगों और संभावित प्रभावों पर विस्तृत चर्चा की।

किसानों की समस्याओं पर जानकारी जुटाई गई
अधिकारियों ने किसान प्रतिनिधियों से किसानों की समस्याओं, मुआवज़े से जुड़े मुद्दों और वर्तमान परेशानियों पर जानकारी ली। किसान प्रतिनिधियों ने बताया कि लंबे समय से शिकायतों का समाधान न होने के कारण किसान आंदोलन के लिए बाध्य हुए हैं।
आंदोलन शांतिपूर्ण रखने की अपील
किसान कांग्रेस जिला अध्यक्ष सिलदार सोलंकी ने प्रेस नोट जारी कर कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित किया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन किसानों की समस्याओं के समाधान की पहल करेगा। खलघाट टोल प्लाज़ा पर होने वाला यह आंदोलन क्षेत्र में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसी कारण प्रशासन और किसान संगठन स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।



