सेंधवा; लोकमान्य तिलक और चंद्रशेखर आजाद जयंती पर तिरंगे के सम्मान की शपथ दिलाई गई
राष्ट्रीय ध्वज के महत्व, ध्वज संहिता और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान से विद्यार्थियों को कराया गया अवगत

जनोदय पंच। सेंधवा ; माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-1 सेंधवा में लोकमान्य तिलक एवं चंद्रशेखर आजाद की जयंती के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को राष्ट्रीय ध्वज के महत्व, ध्वज लगाने के सही तरीके तथा तिरंगे के सम्मान से संबंधित जानकारी दी गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुति भी दी। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को राष्ट्रीय ध्वज के अंगीकरण तथा उसके सम्मान से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई। साथ ही राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान बनाए रखने की शपथ भी दिलाई गई।
तिरंगे के सम्मान और ध्वज संहिता की दी जानकारी
कार्यक्रम में शिक्षक गिरीश त्रिवेदी ने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय ध्वज लगाने के सही तरीके और ध्वज संहिता से संबंधित जानकारी दी। उन्होंने तिरंगे के सम्मान और उसके उचित उपयोग के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम का संचालन भी गिरीश त्रिवेदी ने किया।

विद्यार्थियों ने दी देशभक्ति की प्रस्तुति
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं आलिया और आयशा ने विजयी विश्व तिरंगा प्यारा, झंडा ऊंचा रहे हमारा कविता का पाठ किया। वहीं मोनिका गोयल ने राष्ट्रीय ध्वज के निर्माता पिंगली वेकैया के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने दो और तीन के अनुपात वाला तिरंगा ध्वज बनाकर भारत में अपना नाम रोशन किया। उन्होंने चंद्रशेखर आजाद के जीवन प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्होंने अंग्रेजों के हाथों जीवित नहीं पकड़े जाने की प्रतिज्ञा निभाते हुए अल्फ्रेड पार्क में स्वयं को गोली मारकर बलिदान दिया।
शपथ के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को तिरंगे के सम्मान और उसकी गरिमा बनाए रखने की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर विद्यालय के समस्त शिक्षकगण उपस्थित रहे।




