बड़वाह। निर्मल विद्यापीठ विद्यालय के विद्यार्थियों ने आर्ट ओलम्पियाड में लहराया परचम…कौशल दिलीप सोलंकी ने जेंटैंगल आर्ट में प्राप्त किया तृतीय स्थान…

कपिल वर्मा बड़वाह। इंदौर रोड़ स्थित निर्मल विद्यापीठ स्कूल ने एक बार पुनः यह सिद्ध कर दिया कि विद्यालय केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण (होल सोल डेवलपमेंट) विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। इसी उद्देश्य को साकार करते हुए विद्यालय के विद्यार्थियों ने माउंट इंडेक्स इंटरनेशनल स्कूल, इंदौर में आयोजित आर्ट ओलम्पियाड 2026-27 में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया।
इस प्रतिष्ठित अंतरविद्यालयीन प्रतियोगिता में इंदौर एवं आसपास के लगभग 45 विद्यालयों के प्रतिभागियों ने भाग लिया। निर्मल विद्यापीठ के 12 विद्यार्थियों ने जेंटैंगल आर्ट, मंडला आर्ट, वारली आर्ट, मधुबनी आर्ट, पोस्टर मेकिंग, चित्रकला, रेखाचित्र (स्केचिंग), कोलाज मेकिंग, क्ले मॉडलिंग, डूडल आर्ट तथा बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट सहित विभिन्न कला विधाओं में अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। सभी प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मकता, कल्पनाशीलता एवं कलात्मक अभिव्यक्ति से निर्णायकों को प्रभावित करते हुए विद्यालय का गौरव बढ़ाया।
इन सभी कला विधाओं में विद्यालय के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। विशेष रूप से कक्षा 8 के छात्र कौशल दिलीप सोलंकी ने जेंटैंगल आर्ट प्रतियोगिता में तृतीय स्थान प्राप्त कर विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया।
विद्यालय के संचालक प्रतीक जैन ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि निर्मल विद्यापीठ का उद्देश्य केवल परीक्षाओं में अंक दिलाना नहीं, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी की अंतर्निहित प्रतिभा को पहचानकर उसे उचित मंच प्रदान करना है। विद्यालय में शिक्षा के साथ-साथ कला, संस्कृति, खेल, नवाचार एवं नैतिक मूल्यों को समान महत्व दिया जाता है, जिससे विद्यार्थियों का सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास (होल सोल डेवलपमेंट) सुनिश्चित हो सके।
प्राचार्य आशीष झा ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी युग में विद्यार्थियों को केवल अकादमिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि सृजनात्मक सोच, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता एवं अभिव्यक्ति कौशल का विकास भी अत्यंत आवश्यक है। निर्मल विद्यापीठ निरंतर ऐसे अवसर उपलब्ध करा रहा है, जिनसे विद्यार्थी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें।
विद्यार्थियों को प्रतियोगिता के लिए तैयार करने में विद्यालय की कला समन्वयक शेफाली पाटीदार एवं कला मार्गदर्शक श्री अंकित चौबे का विशेष योगदान रहा। दोनों शिक्षकों ने विद्यार्थियों को तकनीकी मार्गदर्शन, नियमित अभ्यास एवं रचनात्मक प्रशिक्षण प्रदान किया, जिसके परिणामस्वरूप विद्यालय को यह गौरवपूर्ण उपलब्धि प्राप्त हुई।
विद्यालय परिवार ने कौशल दिलीप सोलंकी सहित प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी 12 विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों तथा मार्गदर्शक शिक्षकों को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं तथा विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में भी निर्मल विद्यापीठ के विद्यार्थी शिक्षा, कला, खेल एवं अन्य सभी क्षेत्रों में नई ऊँचाइयों को प्राप्त करते रहेंगे तथा विद्यालय के “सर्वांगीण विकास” के संकल्प को नई पहचान प्रदान करेंगे।



