बड़वानी में राजघाट रोड की बदहाली पर सड़क पर उतरे नेता, गड्ढों में लेटकर जताया विरोध
कीचड़ और जलभराव से परेशान लोगों ने उठाई सड़क निर्माण व ड्रेनेज व्यवस्था सुधारने की मांग

जनोदय पंच। बड़वानी में राजघाट रोड की खराब स्थिति को लेकर नेता प्रतिपक्ष राकेश सिंह जाधव सहित विपक्षी पार्षदों ने गड्ढों और कीचड़ में लेटकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क निर्माण, जल निकासी व्यवस्था सुधारने और जल्द समाधान की मांग प्रशासन से की।
बड़वानी शहर का प्रमुख राजघाट रोड इन दिनों उपेक्षा और बदहाली का सामना कर रहा है। मनोरमा हॉस्पिटल से लेकर भाजपा कार्यालय तक करीब आधा किलोमीटर का मार्ग बारिश के पानी, गहरे गड्ढों और कीचड़ से भर गया है।

29 जुलाई से शुरू हो रहे सावन माह से पहले सड़क की यह स्थिति श्रद्धालुओं, मरीजों और स्कूली बच्चों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। सड़क पर जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में जोखिम उठाना पड़ रहा है।
नेता प्रतिपक्ष और पार्षदों ने गड्ढों में लेटकर किया प्रदर्शन
सड़क की दुर्दशा से नाराज वार्ड क्रमांक 2 के निवासियों और नपा में नेता प्रतिपक्ष राकेश सिंह जाधव सहित विपक्षी पार्षदों ने शनिवार को अनोखा प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान नेता प्रतिपक्ष और पार्षद इशू यादव ने सड़क के गड्ढों और पानी में लेटकर विरोध जताया।

नेता प्रतिपक्ष राकेश सिंह जाधव और पार्षद इशू यादव ने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों से केवल वादे किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के दौरान जल निकासी के लिए नालियां नहीं बनाई जातीं। उन्होंने कंक्रीट सड़क और मजबूत ड्रेन सिस्टम बनाने की मांग की।
अस्पताल, स्कूल और श्रद्धालुओं के मार्ग पर परेशानी
स्थानीय निवासियों ने बताया कि राजघाट रोड पर स्थित फिजियोथैरेपी सेंटर और अस्पतालों में आने वाले मरीजों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को परेशानी हो रही है। सड़क के गड्ढों के कारण वाहनों को झटके लगते हैं। वहीं स्कूली बच्चों की ड्रेस रोजाना कीचड़ से खराब हो रही है और एंबुलेंस के फंसने का खतरा बना रहता है।
राजघाट रोड शहर के प्राचीन सिद्धेश्वर शिव मंदिर तक पहुंचने का मुख्य मार्ग है। सावन मास में यहां बड़ी संख्या में कांवड़ यात्री और श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसके अलावा नर्मदा पैदल परिक्रमा करने वाले यात्री भी इसी मार्ग का उपयोग करते हैं।
प्रशासन और नगर पालिका ने दिया कार्य शुरू करने का आश्वासन
प्रदर्शनकारियों के अनुसार सिद्धेश्वर रोड शहर का प्रमुख मार्ग है, जहां से प्रतिदिन मुक्तिधाम, राजघाट, धार की ओर जाने वाली बसें, स्कूली वाहन, एंबुलेंस, निजी चिकित्सालयों में आने वाले मरीज और हजारों नागरिक गुजरते हैं।
वार्डवासियों ने बताया कि सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे होने से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से तत्काल सड़क निर्माण कार्य शुरू करने की मांग करते हुए कहा कि जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन की सूचना मिलने पर संबंधित अधिकारी, नायब तहसीलदार, सीएमओ सोनाली शर्मा और विधायक राजन मंडलोई मौके पर पहुंचे।
विरोध प्रदर्शन के बाद नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि निक्कू चौहान ने बताया कि नगर पालिका शहर में अब तक 25 करोड़ रुपये की लागत से 42 सड़कों का निर्माण कर चुकी है। उन्होंने बताया कि राजघाट रोड के लिए 10 तारीख को पहला टेंडर निकाला गया था, लेकिन किसी के भाग नहीं लेने के कारण दोबारा टेंडर लगाया गया है, जो 10 दिन में खुलेगा।
उन्होंने बताया कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही बस स्टैंड से सिद्धेश्वर मंदिर तक जीएसबी रिपेयरिंग का कार्य तत्काल शुरू कराया जाएगा। वहीं बड़े पक्के मार्ग की अंतिम स्वीकृति मिलना अभी बाकी है।



