सेंधवा में फर्जी दस्तावेजों से लोन धोखाधड़ी, अन्नपूर्णा फाइनेंस कंपनी के प्रबंधक और फील्ड ऑफिसर गिरफ्तार
फर्जी आधार और वोटर आईडी के जरिए लाखों रुपये के ऋण स्वीकृत करने के मामले में सेंधवा शहर पुलिस की कार्रवाई, दो और आरोपी न्यायालय में पेश।

जनोदय पंच। सेंधवा शहर पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लोन धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए अन्नपूर्णा फाइनेंस कंपनी के प्रबंधक और फील्ड ऑफिसर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार दोनों ने दस्तावेजों का आवश्यक भौतिक सत्यापन किए बिना ऋण स्वीकृत किया था। दोनों आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है।
फर्जी दस्तावेजों से ऋण स्वीकृत करने का मामला
सेंधवा शहर पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लोन धोखाधड़ी से जुड़े प्रकरण में दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरज बब्बर एवं एसडीओपी सेंधवा अजय वाघमारे के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सेंधवा शहर दिनेश सिंह कुशवाह एवं उनकी टीम द्वारा की गई। कार्रवाई थाना सेंधवा शहर में दर्ज अपराध क्रमांक 304/2025, भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 एवं 120-बी के तहत दर्ज प्रकरण की विवेचना के दौरान की गई।
फर्जी आधार और वोटर आईडी से लिया गया ऋण
पुलिस के अनुसार फरियादिया सीमा पति नानसिंह मोरे, निवासी ग्राम हिंदली ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके तथा ममता पति जतन मोरे, निवासी ग्राम हिंदली के नाम से फर्जी आधार कार्ड और वोटर आईडी कार्ड तैयार किए गए। इन फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर अन्नपूर्णा फाइनेंस कंपनी, सेंधवा, आरोहन फाइनेंस कंपनी, सेंधवा तथा स्पंदना फाइनेंस कंपनी, सेंधवा से ₹40,000-₹40,000 के ऋण स्वीकृत कराकर कुल ₹2,48,000 की धोखाधड़ी की गई।
पूर्व में तीन आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
इस प्रकरण में मुख्य आरोपी अतरसिंह पिता रेमा चौहान, निवासी ग्राम हिंदली, निर्माबाई पति कमलेश उर्फ कमल अजनारे, निवासी ग्राम झोपाली तथा मनीषा पति गला चौहान, निवासी ग्राम हिंदली को पुलिस पूर्व में गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में प्रस्तुत कर चुकी है। तीनों आरोपी सेंधवा ग्रामीण थाना क्षेत्र के निवासी हैं।

दस्तावेजों का सत्यापन किए बिना ऋण स्वीकृत करने पर कार्रवाई
प्रकरण की अग्रिम विवेचना में पुलिस ने पाया कि अन्नपूर्णा फाइनेंस कंपनी, सेंधवा के प्रबंधक दिनेश पिता कैलाश वकावले, निवासी वेदीपुरा, सेगांव, थाना ठीकरी, जिला बड़वानी तथा फील्ड ऑफिसर आकाश पिता मुन्ना खातवे, निवासी भीकनगांव, जिला खरगोन द्वारा आवेदकों के दस्तावेजों का आवश्यक भौतिक सत्यापन किए बिना ऋण स्वीकृत किया गया। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया उनकी संलिप्तता पाए जाने पर दोनों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। पुलिस ने बताया कि प्रकरण में अग्रिम विवेचना एवं वैधानिक कार्रवाई जारी है।



