बड़वानी में ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में मिला स्थान
बावनगजा में वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स टीम ने पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल को सौंपा आधिकारिक प्रमाण-पत्र, जनभागीदारी आधारित अभियान को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान।

रमन बोरखड़े। बड़वानी। बड़वानी पुलिस के ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थान मिला है। अभियान के तहत जिले के 16,700 से अधिक विद्यार्थियों ने एक ही दिन में नशामुक्ति विषय पर पेंटिंग, पोस्टर और बैनर बनाकर जागरूकता का संदेश दिया। इस उपलब्धि पर बावनगजा में प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया।
वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुई उपलब्धि
बड़वानी पुलिस के ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थान मिला है। मंगलवार को बावनगजा में आयोजित कार्यक्रम में वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की टीम ने पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल को अभियान का आधिकारिक प्रमाण-पत्र सौंपा। अभियान को जिलेभर में जनभागीदारी के साथ संचालित किया गया, जिसके तहत विद्यार्थियों और आमजन को नशामुक्त जीवन के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं।

16,700 से अधिक विद्यार्थियों ने बनाई पेंटिंग
शासन के निर्देश पर बड़वानी पुलिस ने जिले के सभी थाना क्षेत्रों में अभियान चलाया। अभियान की प्रमुख उपलब्धि यह रही कि एक ही दिन में स्कूलों और कॉलेजों के 16,700 से अधिक विद्यार्थियों ने नशे के दुष्प्रभावों को दर्शाते हुए बैनर, पोस्टर और पेंटिंग तैयार की। विद्यार्थियों ने सार्वजनिक रूप से नशामुक्त रहने का संकल्प भी लिया। इसी व्यापक जनभागीदारी के आधार पर अभियान का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया।

रैली, नुक्कड़ नाटक और जनसंपर्क से किया जागरूक
अभियान के दौरान जिले के प्रत्येक थाना क्षेत्र में नुक्कड़ नाटक, रैलियां, सेमिनार और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिसकर्मियों ने घर-घर पहुंचकर लोगों को नशामुक्त जीवन जीने की शपथ दिलाई तथा नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया।

एसपी पद्मविलोचन शुक्ल बोले— नशामुक्त जिला बनना ही वास्तविक सफलता
पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल ने कहा कि अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे की लत से बचाना और समाज में नशे के विरुद्ध सकारात्मक वातावरण तैयार करना है। उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और जिलेवासियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान पूरे बड़वानी जिले का है। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज होना गर्व की बात है, लेकिन वास्तविक सफलता तब होगी, जब जिला पूरी तरह नशामुक्त बनेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान आगे भी स्कूलों, कॉलेजों और गांवों में लगातार जारी रहेगा।




