सेंधवा में प्रभारी मंत्री दौरे पर सियासत गर्म, किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष समेत पांच नेता पुलिस हिरासत में
किसान कांग्रेस नेताओं ने लगाया मिलने से रोकने का आरोप, पुलिस ने कहा- बिना पूर्व सूचना वीआईपी मुलाकात की अनुमति नहीं थी

जनोदय पंच। सेंधवा में प्रभारी मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल के दौरे के दौरान किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष सिलदार सोलंकी समेत पांच कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। नेताओं का आरोप है कि उन्हें किसानों की समस्याओं को लेकर प्रभारी मंत्री से मिलने नहीं दिया गया।
प्रभारी मंत्री के दौरे के दौरान कांग्रेस नेताओं को थाने ले गई पुलिस
बुधवार को प्रभारी मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल के सेंधवा आगमन के दौरान किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष सिलदार सोलंकी अपने चार साथियों के साथ किसानों की विभिन्न मांगों और समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपने जा रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने सिलदार सोलंकी समेत पांच कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेकर शहर थाने पहुंचाया। हिरासत में लिए गए नेताओं में शोभाराम पटेल, गौतम मोरे (जिला सचिव), सिकराम सोलंकी और अधिवक्ता छेनू अछाले शामिल हैं।
कांग्रेस नेताओं ने लगाया मिलने से रोकने का आरोप
किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष सिलदार सोलंकी के अनुसार, शहर थाना पुलिस उन्हें और उनके साथियों को थाने ले गई, जहां करीब डेढ़ घंटे तक बैठाए रखा गया। इस दौरान वे प्रभारी मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल से मुलाकात नहीं कर पाए।सोलंकी ने बताया कि पुलिस ने उनसे कहा कि प्रभारी मंत्री से मिलने के लिए कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई थी। उनका आरोप है कि किसानों की समस्याओं को उठाने से रोकने के उद्देश्य से उन्हें थाने में बैठाया गया।
प्रभारी मंत्री के जाने के बाद छोड़ा गया
सिलदार सोलंकी के अनुसार, प्रभारी मंत्री के शहर से जाने के बाद शाम करीब 5 बजे सभी किसान कांग्रेस नेताओं को थाने से छोड़ दिया गया। मामले को लेकर कांग्रेस ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।

पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का बताया कारण
इस मामले में पुलिस का कहना है कि बिना पूर्व सूचना के वीआईपी से मुलाकात की अनुमति नहीं थी। इसलिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था के तहत संबंधित लोगों को थाने में बैठाया गया था।



