सेंधवा के पिताम्बराधाम में श्रद्धा से मनाया गुरु पूर्णिमा पर्व, शिष्यों ने किया गुरु चरणों का पूजन
खड़किया स्थित बगलामुखी मंदिर में गुरु पूजन, आरती और भंडारा आयोजित, आचार्य नागेंद्र शर्मा ने शिष्यों को दिया गुरु वचन

जनोदय पंच। सेंधवा के खड़किया स्थित पिताम्बराधाम बगलामुखी मंदिर में गुरु पूर्णिमा पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। आचार्य नागेंद्र शर्मा के सानिध्य में शिष्यों ने गुरु चरणों का पूजन किया तथा आरती और भंडारा प्रसादी में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।
गुरु पूर्णिमा पर हुआ गुरु चरणों का पूजन
सेंधवा के खड़किया स्थित पिताम्बराधाम बगलामुखी मंदिर में गुरु पूर्णिमा पर्व पर भक्त मंडल एवं शिष्यजनों ने विधि-विधान और उत्साहपूर्वक अपने गुरु के चरणों का पूजन किया। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आचार्य नागेंद्र शर्मा की उपस्थिति से शिष्यों में विशेष उत्साह और हर्ष का वातावरण रहा। क्षेत्र से पहुंचे शिष्यों ने श्रद्धापूर्वक गुरु पूजन किया।

विशेष पर्वों पर आश्रम पहुंचते हैं आचार्य नागेंद्र शर्मा
मॉरीशस निवासी माँ बगलामुखी के साधक, परमभक्त एवं बगलामुखी मंदिर के संस्थापक आचार्य नागेंद्र शर्मा सामान्यतः नवरात्रि एवं गुप्त नवरात्रि जैसे विशेष पर्वों पर ही मंदिर आश्रम में पहुंचते हैं। इन अवसरों पर माँ बगलामुखी के भक्तों, शिष्यों के उद्धार तथा जगत कल्याण के लिए उनके सानिध्य में विशेष पूजा-अनुष्ठान संपन्न कराए जाते हैं।
आस्था और गुरु प्रसादी का बताया महत्व
आचार्य नागेंद्र शर्मा ने शिष्यों को संबोधित करते हुए कहा कि जिसके प्रति भी आस्था हो, उसे बदलना नहीं चाहिए। आस्था ही व्यक्ति का मार्गदर्शन करती है, उत्थान करती है और उसे पथभ्रष्ट होने से बचाती है।
उन्होंने गुरु के यहां भोजन प्रसादी ग्रहण करने का महत्व बताते हुए कहा कि “जैसा खाओ अन्न, वैसा हो मन।” पूरे वर्ष जिस भाव से बना भोजन ग्रहण किया जाता है, उससे यदि विचारों में अशुद्धि आती है तो गुरु के यहां प्राप्त भोजन प्रसादी विचारों में शुद्धि का माध्यम बनती है।

आरती और भंडारा प्रसादी में शामिल हुए श्रद्धालु
गुरु पूजन के उपरांत मंदिर में आरती संपन्न हुई। इसके बाद आयोजित भंडारा प्रसादी में शिष्यों एवं श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण कर गुरु पूर्णिमा पर्व का उल्लासपूर्वक समापन किया।



