सेंधवा; प्रभारी मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने सेंधवा सिंचाई परियोजना का किया निरीक्षण, दिए समयबद्ध पूर्णता के निर्देश
सेंधवा माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना से 49,990 हेक्टेयर कृषि भूमि होगी सिंचित, 2028 तक पूर्ण करने का लक्ष्य

जनोदय पंच। बड़वानी जिले के प्रभारी मंत्री एवं प्रदेश के कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. गौतम टेटवाल ने सेंधवा तहसील के ग्राम मोरदड स्थित सेंधवा माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के पंप हाउस का अवलोकन किया। उन्होंने कार्य गुणवत्ता और समयबद्ध पूर्णता के निर्देश दिए।
प्रभारी मंत्री ने पंप हाउस का किया निरीक्षण
बड़वानी जिले के प्रभारी मंत्री एवं प्रदेश के कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. गौतम टेटवाल ने सेंधवा तहसील के ग्राम मोरदड स्थित सेंधवा माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के पंप हाउस का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभागीय अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी को निर्देशित किया कि कार्य की उच्च गुणवत्ता बनाए रखते हुए परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए, ताकि क्षेत्र के किसानों को जल्द से जल्द सिंचाई सुविधा का लाभ मिल सके।
107 गांवों की 49,990 हेक्टेयर भूमि होगी सिंचित
03 जुलाई 2024 को स्वीकृत इस परियोजना का भूमि पूजन 11 जनवरी 2025 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया गया था। बाद में प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा सर्वसम्मति से इसका नाम बदलकर स्वर्गीय श्री रामचंद्र बिट्ठल बड़े उद्वहण सिंचाई परियोजना रखा गया।

यह परियोजना जिले के सूखाग्रस्त क्षेत्रों में जल संकट को दूर करने के उद्देश्य से तैयार की जा रही है। परियोजना के माध्यम से ग्राम सेंगवा स्थित माँ नर्मदा नदी से 16 क्यूमेक जल को 06 पंप हाउसों के जरिए 495 मीटर उद्वहन (लिफ्ट) कर क्षेत्र तक पहुंचाया जाएगा। इसके संचालन के लिए 91 मेगावाट बिजली की आवश्यकता होगी।
सेंधवा, राजपुर, निवाली और बड़वानी क्षेत्र को मिलेगा लाभ
परियोजना पूर्ण होने के बाद बड़वानी जिले की सेंधवा तहसील के 68 गांव, राजपुर के 29 गांव, निवाली के 08 गांव और बड़वानी तहसील के 02 गांवों सहित कुल 107 गांवों की 49,990 हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होगी।

परियोजना के तहत 3,852 किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन का जाल बिछाया जा रहा है। इसमें 254 किलोमीटर एमएस पाइप और 3600 किलोमीटर एचडीपीई पाइप शामिल हैं। इसके माध्यम से आउटलेट मैनेजमेंट सिस्टम (ओएमएस बॉक्स) के जरिए 23 मीटर दाब से प्रत्येक 5 हेक्टेयर चक तक सिंचाई पानी पहुंचाया जाएगा।
2028 तक पूर्ण होगी परियोजना
सेंधवा माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का अब तक 70 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। परियोजना को वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके पूर्ण होने से क्षेत्र के हजारों किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।



