खेतिया में आईटीआई के निजीकरण के विरोध में छात्रों का प्रदर्शन, एसडीओ को संबोधित ज्ञापन सौंपकर उठाई संचालन जारी रखने की मांग
पुलिस थाने और विधायक कार्यालय पहुंचकर छात्र-छात्राओं ने सरकारी संचालन बनाए रखने की मांग दोहराई

जनोदय पंच। खेतिया में संचालित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के निजीकरण के विरोध में छात्र-छात्राएं सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शन करते हुए उन्होंने पुलिस थाने पहुंचकर एसडीओ को संबोधित ज्ञापन थाना प्रभारी को सौंपा तथा विधायक कार्यालय पहुंचकर भी अपनी मांगों से प्रतिनिधियों को अवगत कराया।
आईटीआई के निजीकरण के विरोध में छात्रों का प्रदर्शन
खेतिया में संचालित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में निजीकरण के विरोध को लेकर छात्र-छात्राओं ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन किया। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान पानसेमल के नाम से खेतिया में संचालित इस संस्थान में वर्तमान में 168 छात्र-छात्राएं प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इसी वर्ष नए विद्यार्थियों ने भी प्रवेश लिया है। विद्यार्थियों का कहना है कि सरकार संस्थान का संचालन निजी संस्था को सौंपने की प्रक्रिया में है, जिससे प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्र-छात्राओं में चिंता का माहौल है।

रैली निकालकर पुलिस थाने पहुंचे विद्यार्थी
संस्थान से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं रैली के रूप में सड़कों पर निकले। इस दौरान उन्होंने निजीकरण के विरोध में नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद सभी विद्यार्थी पुलिस थाने पहुंचे, जहां उन्होंने अनुविभागीय अधिकारी को संबोधित ज्ञापन थाना प्रभारी सुरेंद्र कनेश को सौंपा। ज्ञापन में सरकार से मांग की गई कि औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान का निजीकरण नहीं किया जाए तथा इसका संचालन पूर्व की तरह सरकारी स्तर पर ही जारी रखा जाए।

विधायक कार्यालय पहुंचकर भी रखी मांग
ज्ञापन सौंपने के बाद छात्र-छात्राएं खेतिया स्थित विधायक कार्यालय भी पहुंचे। वहां उन्होंने विधायक प्रतिनिधियों को अपनी समस्या से अवगत कराया। विद्यार्थियों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं के लिए यह संस्थान रोजगारपरक प्रशिक्षण का प्रमुख माध्यम है। ऐसे में संस्थान का संचालन सरकार के माध्यम से ही जारी रहना चाहिए, ताकि प्रशिक्षण की व्यवस्था प्रभावित न हो।
सरकारी संचालन बनाए रखने की मांग
प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्र-छात्राओं ने कहा कि आर्थिक रूप से पिछड़े इस क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उनकी एकमात्र मांग है कि खेतिया में संचालित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान का निजीकरण नहीं किया जाए। सरकार स्वयं इसका संचालन जारी रखे, ताकि छात्र-छात्राएं प्रशिक्षण प्राप्त कर भविष्य में रोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकें।



