सेंधवा में 30 से अधिक गांवों की महापंचायत, देजा राशि पर लगी लगाम, विवाह के लिए तय किए कड़े सामाजिक नियम
पटेल, सरपंच और पुजाराओं की मौजूदगी में विभिन्न परिस्थितियों के लिए देजा, लाग, खावटी और अन्य राशि तय

जनोदय पंच। सेंधवा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत लंगड़ी मोहड़ी में 30 से अधिक गांवों के प्रतिनिधियों की महापंचायत हुई। विवाह में देजा राशि की मनमानी रोकने, सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने और अलग-अलग परिस्थितियों में देजा, शुल्क व अन्य भुगतान की राशि निर्धारित करने पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।
30 से अधिक गांवों के प्रतिनिधि महापंचायत में हुए शामिल
सेंधवा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत लंगड़ी मोहड़ी में बुधवार को 30 से अधिक गांवों के पटेल, सरपंचों और पुजाराओं की महत्वपूर्ण महापंचायत आयोजित की गई। बैठक में विवाह के दौरान दी जाने वाली ‘देजा’ (वधू मूल्य) राशि को नियंत्रित करने और सामाजिक सुधार लाने को लेकर विभिन्न नियमों पर चर्चा की गई। महापंचायत में उपस्थित प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से कड़े सामाजिक नियम तय किए।

सामान्य और सहमति विवाह के लिए 50,500 रुपए देजा तय
बैठक में प्रतिनिधियों ने चिंता जताई कि शिक्षित या नौकरीपेशा लड़की से विवाह अथवा भगाकर शादी करने पर लाखों रुपए का मनमाना देजा मांगा जा रहा है। इस पर रोक लगाने के लिए सामान्य व राजी-मर्जी विवाह, भगाकर शादी करने अथवा सहमति से विवाह करने की स्थिति में देजा राशि 50,500 रुपए तय की गई।
इसके अलावा पुजारा शुल्क 125 रुपए, पटेल का लाग दोनों पक्षों के लिए 2,000 रुपए और खावटी 5,000 रुपए निर्धारित की गई। सहमति से विवाह होने पर पंचों के लिए एक बकरा तथा भगाकर शादी करने की स्थिति में दो बकरे तय किए गए।

दूसरी शादी पर देजा राशि 1.50 लाख रुपए निर्धारित
बैठक में शादीशुदा लड़के द्वारा दूसरा विवाह करने की स्थिति के लिए भी अलग नियम तय किए गए। ऐसी स्थिति में देजा राशि 1.50 लाख रुपए निर्धारित की गई है। इसके साथ ही दोनों पक्षों के लिए पटेल का लाग 5,000 रुपए, दो बकरे और पंचों के लिए 2,000 रुपए देना अनिवार्य किया गया।
विवाह संबंधी परिस्थितियों में राशि वापसी के नियम
सामाजिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए राशि वापसी के स्पष्ट नियम भी निर्धारित किए गए। निर्णय के अनुसार, यदि विवाह के बाद लड़की ससुराल में नहीं रहती है तो लड़का पक्ष को 51,000 रुपए वापस किए जाएंगे। वहीं, सगाई के बाद लड़की के दूसरी जगह चले जाने की स्थिति में लड़का पक्ष को 25,000 रुपए लौटाने होंगे।
नियम तोड़ने पर पंचायत स्तर पर होगी कार्रवाई
महापंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि समाज-हितैषी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पंचायत स्तर पर पंचों की बैठक बुलाकर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। बैठक में 30 से अधिक गांवों के प्रतिनिधि, वारती और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।



