बड़वानी में रविदास जयंती कलश यात्रा से चर्मकार समाज नाराज, बहिष्कार का ऐलान
समाज को दरकिनार कर गैर समाज के लोगों को भोपाल भेजने का आरोप, कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन

जनोदय पंच। बड़वानी ; संत शिरोमणि रविदास की 650वीं जयंती पर प्रस्तावित कलश यात्रा में कोयला मोची चर्मकार समाज को शामिल नहीं किए जाने का मामला सामने आया है। समाज के सैकड़ों लोगों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और सहायक आयुक्त कार्यालय के जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की।
कलश यात्रा में दरकिनार किए जाने से नाराज समाज
बड़वानी में संत शिरोमणि रविदास की 650वीं जयंती पर आयोजित कलश यात्रा को लेकर कोयला मोची चर्मकार समाज में नाराजगी है। गुरुवार को समाज के सैकड़ों लोग जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और नायब तहसीलदार कार्तिक मौर्य को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। समाज ने कलश यात्रा कार्यक्रम का बहिष्कार करने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।

समाज का आरोप, चार सदस्यों के नाम मांगे गए थे
कोयला मोची चर्मकार समाज के उपाध्यक्ष दिनेश पंवार ने बताया कि मध्य प्रदेश शासन द्वारा 12 अगस्त को पत्र आया था। जिला सहायक आयुक्त बड़वानी ने समाज को बुलाकर कहा था कि चार सदस्यों की कमेटी बनाकर नाम दिए जाएं। ये सदस्य भोपाल जाकर कलश लाएंगे और जिले में यात्रा निकाली जाएगी। समाज ने बैठक कर रूपरेखा तैयार की और चार सदस्यों के नाम देने सहायक आयुक्त कार्यालय पहुंचा। वहां पहुंचने पर पता चला कि कलश लेने के लिए अन्य लोग पहले ही भोपाल जा चुके हैं और समाज के लोगों को मना कर दिया गया।
दिनेश पंवार ने कहा, “हम चर्मकार समाज के लोग संत रविदास जी के वास्तविक अनुयाई हैं। लेकिन राजनीति से प्रेरित होकर अन्य समाज के लोगों को बुलाकर कलश यात्रा कराई गई। हमारी भावनाएं आहत हुई हैं। यह कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है। ऐसी गलती बर्दाश्त नहीं होगी।”
समाज के हित को छोड़ अपने लोगों को भेजने का आरोप
रविदास समाज समिति के प्रदेश महामंत्री विक्रम शिंदे ने कहा कि पत्र मिलने के बाद समाज ने चार वरिष्ठ सदस्यों के नाम तय कर लिए थे। लेकिन विभागीय स्तर पर समाज को जानकारी दिए बिना अपने लोगों को भोपाल भेजकर कार्यक्रम पूर्ण कर लिया गया। उन्होंने कहा कि इससे संत शिरोमणि रविदास समाज के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं और शोषण का एहसास हुआ है।
विक्रम शिंदे ने कहा कि संत शिरोमणि के जितने भी कार्यक्रम होते हैं, वे समाज के हित में होते हैं। लेकिन यहां समाज के हित को छोड़कर प्रशासनिक तरीके से अपने लोगों को एकत्रित कर भेज दिया गया।
कार्रवाई तक कलश यात्रा के बहिष्कार की चेतावनी
समाज ने ज्ञापन में मांग की है कि सहायक आयुक्त कार्यालय के जिम्मेदारों पर शासन एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में समाज की भावनाओं को आहत न किया जाए। समाज ने चेतावनी दी है कि जब तक कार्रवाई नहीं होती, तब तक कलश यात्रा कार्यक्रम का बहिष्कार किया जाएगा और समाज के लोग कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे।



