खरगोन-बड़वानीमुख्य खबरे

पानसेमल में लाखों के आरोग्यम केंद्रों पर ताले, मवेशियों का ठिकाना बने स्वास्थ्य केंद्र

मरीज और गर्भवती महिलाएं परेशान, स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष ने उठाए सवाल

जनोदय पंच। शंकर सिरसाठ ; पानसेमल क्षेत्र के अलखड और भडभड़ा गांवों में लाखों रुपए की लागत से बने ‘आरोग्यम’ उप स्वास्थ्य केंद्र बदहाली का शिकार हैं। केंद्रों पर ताले लगे होने और परिसर में मवेशी बंधे होने की तस्वीरें सामने आई हैं। इससे ग्रामीणों को इलाज के लिए दूर जाना पड़ रहा है।

बंद केंद्रों के कारण ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी

बड़वानी जिले के पानसेमल क्षेत्र के अलखड और भडभड़ा गांवों में ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत बनाए गए ‘आरोग्यम’ उप स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति सामने आई है। इन केंद्रों पर अक्सर ताले लटके रहते हैं। वहीं परिसर में मवेशी बंधे होने के साथ भूसा और उपले रखे जाने की तस्वीरें भी सामने आई हैं।

स्वास्थ्य केंद्रों के बंद रहने के कारण ग्रामीणों को इलाज के लिए दूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का रुख करना पड़ रहा है। खासकर गर्भवती महिलाओं को प्रसव और नवजात बच्चों के टीकाकरण के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। इससे ग्रामीणों को समय और आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

जिला पंचायत अध्यक्ष ने फेसबुक पोस्ट से उठाया मामला

मामले को भाजपा जिला पंचायत अध्यक्ष बलवंत सिंह पटेल ने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से उजागर किया। उन्होंने अलखड और भडभड़ा उप स्वास्थ्य केंद्रों की तस्वीरें साझा करते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। पटेल ने कहा कि शासन की मंशा ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की है, लेकिन खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) और संबंधित अधिकारियों की लापरवाही के कारण ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।

उन्होंने इसे जनहित के प्रति गंभीर लापरवाही बताते हुए जिला प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की।

CMHO ने पंचनामा और कार्रवाई की बात कही

मामला सामने आने के बाद CMHO डॉ. जयपाल सिंह ठाकुर ने बताया कि उन्हें केंद्रों के संबंध में जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने केंद्र के आसपास अतिक्रमण कर लिया है। खंड चिकित्सा अधिकारी से चर्चा की गई है और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर पंचनामा बनाएगी तथा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

केंद्र के बाहर बंधे पशुओं को लेकर स्वास्थ्य अधिकारी ने दी जानकारी

वहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भडभड़ा में पदस्थ स्वास्थ्य अधिकारी नेहा यादव ने बताया कि केंद्र के बाहर बंधे पशु ग्रामीणों के हैं। उन्होंने कहा कि कई बार ग्रामीणों को समझाया गया, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। यादव के अनुसार, कुछ लोग शराब पीकर विवाद भी करते हैं और इस संबंध में उच्च अधिकारियों को शिकायत की गई है।

अब प्रशासनिक कार्रवाई के बाद यह स्पष्ट होगा कि अलखड और भडभड़ा के ‘आरोग्यम’ केंद्रों पर नियमित स्वास्थ्य सेवाएं कब शुरू होती हैं।

 

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!