बड़वानी गोगा नवमी पर बड़वानी धरोहर के गणेशोत्सव की तैयारियों का शुभारंभ

बड़वानी। आगामी गणेशोत्सव को लेकर शहर के ऐतिहासिक झंडा चौक (नाभि केंद्र) पर बड़वानी धरोहर द्वारा आयोजित गणेशोत्सव की तैयारियों ने अब औपचारिक रूप ले लिया है। गोगा नवमी के शुभ अवसर पर रविवार शाम जम्मू गली स्थित प्राचीन एवं प्रसिद्ध श्री गणेश मंदिर में पूजा-अर्चना एवं आराधना के साथ आयोजन का शुभारंभ किया गया।इस अवसर पर ढोल-ताशों के साथ भगवान श्री गणेश की आराधना की गई तथा भगवा ध्वज के साथ बड़ी संख्या में धरोहर के सदस्य मौजूद रहे। सदस्यों ने भगवान गणेश से आगामी गणेशोत्सव को हर्ष, उल्लास और निर्विघ्न रूप से सफल बनाने की प्रार्थना की।पूजा-अर्चना के बाद सभी सदस्य झंडा चौक पहुंचे, जहां प्रस्तावित आयोजन स्थल पर टेंट एवं कार्यक्रम स्थल का विधिवत भूमि पूजन किया गया। इसी के साथ गणेशोत्सव की तैयारियों का औपचारिक शुभारंभ हुआ। आयोजन स्थल पर टेंट लगाने का कार्य भी शुरू कर दिया गया है।

14 से 23 सितंबर तक होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम
बड़वानी धरोहर द्वारा इस वर्ष गणेशोत्सव को भारतीय संस्कृति, परंपरा, लोकजीवन और सामाजिक संदेशों से जोड़ते हुए भव्य स्वरूप देने की तैयारी है। 14 से 23 सितंबर तक प्रतिदिन रात 9 से 11:30 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें शहर के स्थानीय युवा, बच्चे और कलाकार अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करेंगे। कार्यक्रमों की रिहर्सल भी जारी है।आयोजकों के अनुसार भगवान श्री गणेश की प्रतिमा विशेष रूप से बुरहानपुर से मंगाई जा रही है, जिसे विशेष थीम पर स्थापित किया जाएगा। वर्ष 2021 में शुरू हुए बड़वानी धरोहर के इस आयोजन का यह पांचवां वर्ष है। आयोजन के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने के साथ भारतीय संस्कृति और सामाजिक चेतना को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।
मां कालिका मंदिर में भी 10 साल बाद भव्य आयोजन
इधर पाला बाजार स्थित मां कालिका मंदिर में भी करीब 10 वर्ष बाद 10 दिवसीय गणेशोत्सव एवं धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मां कालिका मित्र मंडल सेवा समिति द्वारा इसकी तैयारियां की जा रही हैं। जिले के प्रसिद्ध कोरियोग्राफर एवं डांस डायरेक्टर भावेश यादव और उनकी टीम द्वारा भगवान श्री गणेश एवं भारतीय संस्कृति पर आधारित विशेष प्रस्तुतियां दी जाएंगी।समिति के अनुसार 14 सितंबर को गणेश स्थापना और 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर विसर्जन किया जाएगा। शहर में एक साथ होने वाले इन आयोजनों से गणेशोत्सव के दौरान धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों की भी अनोखी छटा देखने को मिलेगी।



