बड़वानी में ‘एक स्वयंसेवक–एक साक्षर साथी’ पहल से साक्षरता अभियान को मिलेगी नई उड़ान
अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर रासेयो ने लिया साक्षर भारत निर्माण का संकल्प

जनोदय पंच। अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर शासकीय आदर्श महाविद्यालय बड़वानी में रासेयो ने जागरूकता व्याख्यान, साक्षरता रैली और सामूहिक शपथ कार्यक्रम आयोजित किया। स्वयंसेवकों ने ‘एक स्वयंसेवक–एक साक्षर साथी’ पहल शुरू कर निरक्षर व्यक्तियों को शिक्षा से जोड़ने और साक्षरता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
जिला प्रशासन द्वारा सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत उल्लास–नव भारत साक्षरता कार्यक्रम एवं साक्षरता पखवाड़ा के तहत कार्यक्रम आयोजित किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रमोद पंडित ने कहा कि “साक्षरता केवल अक्षर ज्ञान नहीं, बल्कि व्यक्ति को अपने अधिकारों, कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाने की शक्ति है।” उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी यदि एक व्यक्ति को साक्षर बनाने का संकल्प ले, तो छोटी-सी पहल समाज में बड़ा परिवर्तन ला सकती है। उन्होंने रासेयो की “एक स्वयंसेवक–एक साक्षर साथी” पहल की सराहना करते हुए विद्यार्थियों से इसे पूरी निष्ठा के साथ आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
साक्षरता से ज्ञान और आत्मनिर्भरता का द्वार
प्रो.आर.आर. मुवेल, कार्यक्रम अधिकारी रासेयो ने साक्षरता के महत्व पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डालते हुए कहा कि साक्षरता व्यक्ति के जीवन में ज्ञान, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का द्वार खोलती है। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को शिक्षा से जोड़कर ही सशक्त एवं विकसित भारत का निर्माण किया जा सकता है।
स्वयंसेवक बनेंगे साक्षरता के दूत
अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर रासेयो स्वयंसेवकों द्वारा “एक स्वयंसेवक–एक साक्षर साथी” की अभिनव पहल प्रारंभ की गई। इसके अंतर्गत प्रत्येक स्वयंसेवक अपने आसपास के ऐसे एक व्यक्ति को साक्षर बनाने का प्रयास करेगा, जो शिक्षा से वंचित है। इस पहल के माध्यम से प्रत्येक स्वयंसेवक को साक्षरता का दूत बनाकर अभियान को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।
रैली में गूंजा साक्षरता का संदेश
रासेयो स्वयंसेवकों ने जागरूकता रैली निकालकर शिक्षा एवं साक्षरता का संदेश जन-जन तक पहुंचाया। रैली में एक स्वर में नारा गूंजा—“पढ़ेगा भारत, बढ़ेगा भारत—हर व्यक्ति बनेगा साक्षर, तभी बनेगा भारत सशक्त और विकसित।” कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य डॉ. प्रमोद पंडित द्वारा विद्यार्थियों एवं स्वयंसेवकों को सामूहिक शपथ दिलाई गई। सभी ने निरक्षर व्यक्तियों को शिक्षा से जोड़ने तथा समाज में साक्षरता की अलख जगाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित
डॉ.अनिल पाटीदार, नोडल अधिकारी स्वामी विवेकानंद करियर ओर भारतीय ज्ञान परम्परा द्वारा कार्यक्रम को संयोजित किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के डॉ.ओमना सेनानी, डॉ.अंतिमबाला जायसवाल सहित प्राध्यापकगण, कर्मचारी, रासेयो स्वयंसेवक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।



