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इंदौर लोकायुक्त की धार में बड़ी कार्रवाई, सहकारी समिति प्रबंधक के तीन ठिकानों पर छापे में 2.41 करोड़ की संपत्ति उजागर

करीब 20 साल की नौकरी में 65 लाख रुपये वेतन पाने वाले प्रबंधक की संपत्ति आय से 271.46 प्रतिशत अधिक मिली, मकान, कृषि भूमि, जेसीबी और वाहन भी जांच के दायरे में।

जनोदय पंच। धार जिले में इंदौर लोकायुक्त की टीम ने आदिम जाति सेवा सहकारी समिति के प्रबंधक के तीन ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की। शुरुआती जांच में करीब 2 करोड़ 41 लाख रुपये की आय से अधिक संपत्ति सामने आई है। टीम संपत्तियों और दस्तावेजों का सत्यापन कर रही है।

लोकायुक्त टीम ने बुधवार को धार जिले में आदिम जाति सेवा सहकारी समिति के प्रबंधक शेरसिंह ठाकुर के सोडपुर, नालछा और मांडव स्थित तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।

लोकायुक्त के मुताबिक, करीब 20 साल की नौकरी के दौरान ठाकुर को 65 लाख रुपये वेतन मिला। इस अवधि में उन्होंने 2 करोड़ 41 लाख 45 हजार रुपये की संपत्ति अर्जित की और खर्च किए। यह उनकी वैध आय से 271.46 प्रतिशत अधिक बताई गई है।

लोकायुक्त ने शेरसिंह ठाकुर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत मामला दर्ज किया है।

दो मंजिला मकान और व्यावसायिक भवन भी मिला

जांच में सामने आया कि ठाकुर ने ग्राम सोडपुर, तहसील नालछा में 0.1520 हेक्टेयर का भूखंड खरीदा। इस पर 2400 वर्गफीट क्षेत्र में दो मंजिला मकान बनवाया गया। भूखंड की खरीद और मकान निर्माण पर करीब 97 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।

इसके अलावा नालछा में मांडव रोड स्थित सोडपुर तिराहे पर 1350 वर्गफीट का एक अन्य भवन भी खरीदा गया है। इसका उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। इसकी अनुमानित कीमत 20 लाख रुपये बताई गई है।

पत्नी के नाम पर कृषि भूमि, कई वाहन भी मिले

लोकायुक्त की जांच में ठाकुर की पत्नी कविता के नाम पर खरीदी गई कृषि भूमि की जानकारी भी सामने आई है। ग्राम सोडपुर, तहसील पीथमपुर में 0.645 हेक्टेयर जमीन 8 लाख रुपये में खरीदी गई। वहीं, ग्राम मांडव, तहसील पीथमपुर में 2.526 हेक्टेयर जमीन की खरीद पर 42 लाख रुपये खर्च किए गए।

इसके अलावा ठाकुर के पास जेसीबी, महिंद्रा ट्रैक्टर, महिंद्रा टीयूवी, ऑल्टो कार, बुलेट और कृषि यंत्र-संयंत्र मिले हैं। इनकी अनुमानित कीमत 53 लाख रुपये बताई गई है। ठाकुर से जुड़े एक अन्य बेनामी भवन की जानकारी भी मिली है, जिसका सत्यापन किया जा रहा है। कृषि यंत्रों, ट्रैक्टरों और ट्रॉलियों के स्वामित्व और कीमत का भी आकलन किया जा रहा है।

लोकायुक्त अधिकारियों की टीम कर रही जांच

लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. राजेश सहाय के नेतृत्व में कार्रवाई जारी है। सर्च अभियान में डीएसपी आनंद चौहान, निरीक्षक आशुतोष मिठास, प्रतिभा तोमर और सचिन पटेरिया शामिल हैं।

यह कार्रवाई लोकायुक्त महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देश और डीआईजी मनोज सिंह के मार्गदर्शन में की जा रही है। एसपी डॉ. राजेश सहाय ने बताया कि ठिकानों पर तलाशी और दस्तावेजों की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद संपत्तियों की वास्तविक कीमत और आय के अनुपात में अनुपातहीन संपत्ति का अंतिम आकलन किया जाएगा।

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