सेंधवा: 25 हजार की भीड़ से गुलजार हुआ ओझर का भगोरिया हाट, ढोल-मांदल की थाप पर थिरके आदिवासी, ड्रोन-सीसीटीवी से निगरानी
ओझर में 20 गांवों की भागीदारी, प्रशासनिक व्यवस्थाओं के बीच उत्साहपूर्ण आयोजन

जनोदय पंच। सेंधवा-ओझर में आयोजित भगोरिया हाट उत्साह और पारंपरिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। ढोल-मांदल की थाप पर पारंपरिक वेशभूषा में सजे महिला-पुरुष नाचते-गाते हाट स्थल पहुंचे। आसपास के 20 से अधिक गांवों से करीब 25 हजार से ज्यादा आदिवासी बंधुओं की उपस्थिति दर्ज की गई।
गांवों से पारंपरिक गैर
पानवा, टेमला, भोरवाड़ा, नीलकंठटाकली, मांतमुर और बाघाड़ सहित कई गांवों से दल पारंपरिक गैर निकालते हुए हाट में पहुंचे। लोकगीतों और मांदल की गूंज से पूरा क्षेत्र उत्सव में डूबा रहा।
झूले और बाजार बने आकर्षण
मेले में छोटे-बड़े करीब 20 झूले लगाए गए। इनमें रेल झूला, मगर झूला, मिक्की माउस, चाकरी झूला और आसमान झूला शामिल रहे। आयोजकों के अनुसार सभी झूलों का तकनीकी परीक्षण कराया गया था। बच्चों और युवाओं ने भरपूर आनंद लिया। हाट में 150 से अधिक दुकानें सजीं। ग्रामीणों ने कपड़े, आभूषण, खिलौने, घरेलू सामान और खान-पान की वस्तुओं की खरीदारी की।

सुरक्षा और व्यवस्थाएं
हाट में पुलिस, पंचायत, स्वास्थ्य विभाग और एमपीईबी की टीमें तैनात रहीं। ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी से निगरानी की गई। बालसमुद रोड, नागलवाड़ी रोड और जुलवानिया रोड पर पार्किंग की व्यवस्था रही। वाहनों को गांव के बाहर रोका गया। पेयजल की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई। लोकसभा सांसद भी हाट में शामिल हुए।




