सेंधवा में जर्जर सड़क पर जारी टोल वसूली, मरम्मत कार्य अब तक शुरू नहीं
सेंधवा-पलसुद-बड़वानी मार्ग की बदहाली पर सवाल, 78 लाख स्वीकृति के बाद भी काम लंबित

सेंधवा। टोल प्लस एन्युटी योजनांतर्गत निर्मित सेेंधवा से व्हाया पलसुद बड़वानी मार्ग के क्षतिग्रस्त हिस्सो का मरम्मत एवं नवीनीकरण कार्य कंष्नेनायर द्वारा नही करवाये जाने के कारण एमपीआरडीसी द्वारा 1 अप्रैल से टोल का संचालन अपने आधिपथ्य में लेते हुए मरम्मत कार्य हेतु राशि भी स्वीकृत कर दी लेकिन 15 दिवस व्यतीत होने के बाद भी मरम्मत कार्य प्रारम्भ नही किया होने से आम जनता को उसी बदहाल सड़क से यात्रा करना पड़ रही है।
सामाजिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता बी.एल.जैन ने इस समस्या को लेकर पुनः मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री सहित प्रबंध संचालक एवं मुख्य अभियन्ता म.प्र.सड़क विकास निगम, कलेक्टर बड़वानी को पत्र प्रेषित कर अवगत कराया है कि विगत 3 माह से मेरे द्वारा उक्त मार्ग की बदहाली को लेकर की गई शिकायतो के पश्चात मुख्य अभियंता (बीओटी) एमपीआरडीसी भोपाल द्वारा दिनांक 24 मार्च को टोल निलंबित करने एवं रिस्क एण्ड कास्ट पर अतिआवष्यक मरम्मत कार्य हेतु 78 लाख रूपये एवं हाईवे की मरम्मत व समय-समय पर रख रखाव के लिए 5 करोड़ 47 लाख की स्वीकृति प्रदान की गई थी। साथ ही 78 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति के आदेश भी जारी कर दिए गए थे। तद्नुसार 1 अप्रैल से टोल प्लाजा का आधिपथ्य तो एमपीआरडीसी द्वारा लिया जाकर टोल कलेक्षन जारी है किन्तु 15 दिवस व्यतीत हो जाने के बाद भी 78 लाख रू. का अति आवश्यक मरम्मत कार्य संभाग स्तर पर तुरंत प्रारंभ किया जाना था जो आज दिनांक तक प्रारंभ नही हुआ है ना ही 5 करोड़ 47 लाख की निविदाऐं भी आज दिनांक तक जारी नही की गई है। निविदा जारी होने के पश्चात एक से डेढ माह के मध्य निविदा स्वीकृत होकर कार्यादेश जारी होंगे तब तक बारिष का सीजन प्रारंभ होने की संभावना है। ऐसी स्थिती मे स्वीकृत कार्य प्रारंभ नही होने से वाहन चालको एवं यात्रियो को तो आवागमन मे परेशानी होगी ही तथा दुर्घटना का अंदेशा भी बना रहेगा, अतः जब तक स्वीकृत कार्य प्रारंभ नही होता है तब तक शासन को टोल वसुली बंद करना चाहिये। यदि टोल रोड़ का रख रखाव व्यवस्थित तरीके से नही होता है तो टोल की वसुली भी नही होना चाहिये।

श्री जैन ने कहा कि यह कितनी विडम्बणापुर्ण स्थिती है कि सड़क की बदहाली को स्वीकार कर एमपीआरडीसी ने टोल निलंबित किया और अब वह स्वयं ही मरम्मत कार्य नहीं कर रही है। टोल वसुली अपने आधिपथ्य में लेकर राशि तो स्वीकृत कर दी लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के कारण कार्य प्रारम्भ नही किया जा रहा है स्पष्ट है वाहन चालको को टोल का भुगतान करने के बाद भी उसी बदहाल सड़क से यात्रा करने के लिये बाध्य किया जा रहा है। आपने सड़क की बदहाली को तुरन्त दुर करने की मांग शासन एवं एमपीआरडीसी से की है।



