सेंधवा; बलवाड़ी में केंद्रीय विद्यालय खोलने की पहल, अंतरसिंह आर्य ने उठाई मांग
आदिवासी अंचल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए केंद्र व राज्य सरकार को भेजा प्रस्ताव

जनोदय पंच। सेंधवा। अनुसूचित जनजाति आयोग राष्ट्रीय अध्यक्ष अंतरसिंह आर्य ने सेंधवा विधानसभा क्षेत्र के आदिवासी अंचल में शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वरला तहसील के ग्राम बलवाड़ी में केंद्रीय विद्यालय खोलने की पहल की है। उनका कहना है कि यदि क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण एवं उच्च शिक्षा की सुविधा उपलब्ध होगी तो न केवल अनुसूचित जनजाति के बच्चों को बेहतर अवसर मिलेंगे, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र का समग्र विकास भी सुनिश्चित होगा और स्थानीय निवासियों का जीवन स्तर सुधरकर वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकेंगे। उक्त जानकारी अनुसूचित जनजाति आयोग राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बलवाड़ी व स्थानीय लोगों को दी।
इस संबंध में आर्य ने भारत सरकार में कौशल विकास एवं उद्यमशीलता तथा शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी को पत्र लिखकर ग्राम बलवाड़ी, तहसील वरला, जिला बड़वानी में केंद्रीय विद्यालय स्थापित करने की मांग की थी। उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि अनुसूचित जनजाति बहुल इस क्षेत्र के विद्यार्थियों को समान एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है, जिससे वे प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा में आगे बढ़ सकें।
इस पर शिक्षा राज्य मंत्री चौधरी ने पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि बड़वानी जिले में वर्तमान में एक केंद्रीय विद्यालय संचालित है। यदि जिले में नए केंद्रीय विद्यालय की मांग है, तो राज्य शासन को निर्धारित मानकों एवं प्रपत्रों के अनुरूप प्रस्ताव तैयार कर जिला कलेक्टर के माध्यम से राज्य सरकार के सचिव (शिक्षा) द्वारा संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को भेजना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में ग्राम बलवाड़ी, तहसील वरला में नवीन केंद्रीय विद्यालय की स्थापना हेतु राज्य सरकार अथवा जिला कलेक्टर की ओर से कोई प्रस्ताव केंद्रीय विद्यालय संगठन के भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय को प्राप्त नहीं हुआ है।

मंत्री के पत्र के बाद अजजा आयोग राष्ट्रीय अध्यक्ष अंतरसिंह आर्य ने जिला कलेक्टर एवं राज्य शासन से भी आग्रह किया है कि अनुसूचित जनजाति क्षेत्र के बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर केंद्रीय विद्यालय संगठन को प्रेषित किया जाए, ताकि बलवाड़ी में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो सके।
भाजपा प्रवक्ता सुनील अग्रवाल ने बताया कि यह अजजा आयोग राष्ट्रीय अध्यक्ष आर्य की पहल क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि यदि बलवाड़ी में केंद्रीय विद्यालय खुलता है तो सेंधवा विधानसभा क्षेत्र के सैकड़ों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अपने ही क्षेत्र में उपलब्ध हो सकेगी, जिससे पलायन रुकेगा और ग्रामीण अंचल में शैक्षणिक वातावरण मजबूत होगा। सेंधवा शिक्षा के क्षेत्र में एक हप के रूप में विकसित होकर शिक्षा के लिए छात्रों को अन्य स्थान के लिए भटकना नहीं होगा । केंद्रीय विद्यालय (ज्ञट) भारत सरकार द्वारा संचालित स्कूलों की एक प्रमुख श्रृंखला है जिसकी स्थापना 1963 में रक्षा और केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के स्थानांतरणीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा (ब्ठैम् पाठ्यक्रम) देने के लिए की गई थी। केंद्रीय विद्यालय संगठन (ज्ञटै) के तहत 1,250 से अधिक स्कूल देश-विदेश में कार्यरत हैं जो कम फीस और उत्कृष्ट शिक्षा के लिए प्रसिद्ध हैं। यह शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार के अधीन एक स्वायत्त संस्था श्केन्द्रीय विद्यालय संगठनश् द्वारा प्रबंधित है। ये विद्यालय केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (ब्ठैम्) से संबद्ध हैं और छब्म्त्ज् के पाठ्यक्रम का पालन करते हैं। हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में शिक्षा दी जाती है।
वर्तमान में सेंधवा विधानसभा क्षेत्र में सेंधवा के निर्माणाधीन भवन के अलावा पांच स्थानों पर बनेंगे सीएम राइस स्कूल टेंडर प्रक्रिया अपनाई जा रही है । पूर्व में एकलव्य विद्यालय, कन्या परिसर, मार्डन स्कूल, पॉलिटेक्निक कॉलेज, सेंधवा व बलवाड़ी में पीजी कालेज संचालित है निजी कॉलेज में होम्योपैथी कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, बीएएड कॉलेज के अलावा अन्य विषयों के शिक्षा संचालित होकर शिक्षा के क्षेत्र में एक हप तैयार हो रहा है । यहां का विद्यार्थी अपनी पूरी शिक्षा यही पूरी कर सकता है ।



