सेंधवा में बदहाल अंतरप्रांतीय मार्ग पर टोल वसूली जारी, संधारण कार्य अब तक शुरू नहीं, शिकायत के डेढ़ माह बाद भी कार्रवाई नहीं, वाहन चालकों में बढ़ा आक्रोश
सेंधवा-पलसुद-बड़वानी मार्ग पर 5.47 करोड़ के प्रस्ताव के बावजूद कार्य लंबित

सेंधवा, जनोदय पंच। टोल प्लस एन्युटी योजना अंतर्गत निर्मित सेंधवा से व्हाया पलसुद बड़वानी अंतरप्रांतीय मार्ग की बदहाली को लेकर की गई शिकायत के बाद संभागीय प्रबंधक द्वारा मुख्य अभियंता को प्रस्ताव प्रेषित कर अनुशंसा की गई है कि इस मार्ग का संधारण कार्य कंसेष्नायर द्वारा नहीं किए जाने के कारण कंसेष्नायर का टोल निलंबित कर रिस्क एंड कास्ट पर विभाग द्वारा कार्य कराया जाए। इस हेतु 5.47 करोड़ के प्राक्कलन भी भेजे गए हैं। प्रस्ताव भेजे जाने के डेढ़ माह बाद भी टोल वसूली जारी है और संधारण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है।
शिकायत और मार्ग की वास्तविक स्थिति
यह जानकारी सामाजिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता बी.एल. जैन, द्वारा देते हुए बताया गया कि उनके द्वारा 11 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री, लोक निर्माण मंत्री, प्रबंध संचालक एमपीआरडीसी, कलेक्टर बड़वानी को शिकायत भेजकर अवगत कराया गया था कि टोल प्लस एन्युटी योजना अंतर्गत 57 किमी मार्ग का निर्माण वर्ष 2012 में 15 वर्ष की कंसेषन अवधि के लिए किया गया था, जिसकी अवधि 05 दिसंबर 2026 को समाप्त हो रही है। योजना के तहत सड़क बनाने वाली कंपनी को टोल वसूली के अतिरिक्त शासन द्वारा प्रति 6 माह में निर्धारित राशि भी प्रदान की जाती है, बावजूद इसके कंसेष्नायर द्वारा लंबे समय से संधारण कार्य नहीं किया जा रहा है। इससे प्रतिदिन सैकड़ों वाहन चालकों को आवागमन में बाधा उत्पन्न हो रही है और दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

विभागीय पत्राचार और कार्यवाही की स्थिति
बी.एल. जैन, ने बताया कि शिकायत के पश्चात संभागीय प्रबंधक, मप्र सड़क विकास परिवहन, इंदौर-धार द्वारा 4 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री कार्यालय को अवगत कराया गया कि कंसेष्नायर अनुबंध की शर्तों के अनुसार समय सीमा में संधारण कार्य नहीं कर रहा है। समय-समय पर सूचना पत्र जारी किए जाने के बावजूद कार्य नहीं किया गया। ऐसी स्थिति में विभाग द्वारा कंसेष्नायर के रिस्क एंड कास्ट पर कार्य कराया जाएगा। इसके लिए 5.47 करोड़ का प्राक्कलन मुख्यालय को भेजा जा चुका है, जिस पर शीघ्र कार्रवाई का उल्लेख किया गया है।

पुनः पत्र और त्वरित कार्रवाई की मांग
बी.एल. जैन, ने इस संबंध में पुनः मुख्यमंत्री, लोक निर्माण मंत्री, प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग, प्रबंध संचालक एमपीआरडीसी, कलेक्टर बड़वानी को पत्र भेजकर बदहाल सड़क के फोटो भी प्रेषित किए। उन्होंने कहा कि जब विभाग स्वयं मान चुका है कि कंसेष्नायर संधारण कार्य में विफल रहा है और प्राक्कलन भी डेढ़ माह पूर्व भेजे जा चुके हैं, तब तक स्वीकृति क्यों नहीं दी जा रही है। उन्होंने त्वरित कार्रवाई की मांग करते हुए संधारण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने की आवश्यकता जताई। साथ ही पत्र में उल्लेख किया कि अनुबंध के अनुसार 05 दिसंबर 2026 को टोल वसूली समाप्त होने से पूर्व कंसेष्नायर को सड़क का नवीनीकरण करना होगा, जिसके लिए लगभग 8 माह शेष हैं। इसलिए इस कार्य को समयावधि में पूर्ण कराने हेतु विभाग को शीघ्र निर्देश दिए जाने चाहिए।




