भोपाल; मराठी भाषियों ने मुख्यमंत्री को गुड़ी भेंट की, नववर्ष पूर्व आयोजन, इंदौर सहित प्रदेशभर से पहुंचे मराठी भाषी, मुख्यमंत्री ने गौरवशाली इतिहास को किया याद

जनोदय पंच। भोपाल-इंदौर। प्रदेश के मराठी भाषियों ने नववर्ष के एक दिवस पूर्व भोपाल में मुख्यमंत्री निवास में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को गुड़ी भेंट की। मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में मराठियों के गौरवशाली इतिहास को याद किया। कहा, आज भी सनातन संस्कृति और साहित्य की भव्य परंपरा को जीवित रखने में मराठीभाषी भरपूर योगदान दे रहे हैं। प्रदेश के सभी जिलों के साथ ही इंदौर से भी बड़ी संख्या में मराठी भाषी आयोजन में शामिल हुए।
सांस्कृतिक झांकी और सहभागिता
हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2083 की शुरुआत के एक दिन पूर्व गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास में प्रदेश के सभी जिलों के मराठी भाषियों ने एकत्र होकर कार्यक्रम में भाग लिया। मराठी साहित्य अकादमी म प्र द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मराठी संस्कृति की झांकी दिखाई दी। ढोल पथक के दल ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। नौवारी साड़ी पहनकर, नाक में नथ, बालों में गजरा लगाए महिलाओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत आरती उतारकर, पुष्पवर्षा से मराठी संस्कृति अनुरूप किया। आयोजक संस्थाओं की ओर से औपचारिक स्वागत पश्चात मराठी साहित्य अकादमी के अध्यक्ष संतोष गोडबोले, ने स्वागत भाषण दिया।

इसके पश्चात प्रदेश और जिले की मराठी भाषी संस्थाओं ने मुख्यमंत्री को गुड़ी भेंट की। सर्वप्रथम बृहन्महाराष्ट्र मंडल की ओर से मिलिंद महाजन, प्रशांत बडवे, ने गुड़ी भेंट की। इसके पश्चात इंदौर शहर के मराठी भाषियों की ओर से सुनील धर्माधिकारी, समीर पानसे, सुनील देशपांडे, वैभव ठाकुर, संजीव गवते, उदय बापट, शुभा देशपांडे, अर्चना चितले एवं सेंधवा महाराष्ट्र समाज मंडल की ओर से मेधा एकड़ी, ने गुड़ी भेंट की। गुड़ी भेंट के पश्चात प्रदेश में 100 वर्ष पूर्ण कर चुकी संस्थाओं के पदाधिकारियों का सम्मान मुख्यमंत्री द्वारा किया गया।
मुख्यमंत्री का संबोधन और समापन
इसके बाद डॉ मोहन यादव ने सभी को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं और कहा कि छत्रपति शिवाजी, बाजीराव पेशवा से लेकर देवी अहिल्याबाई तक का इतिहास त्याग, तपस्या और बलिदान से भरा हुआ है। आज यदि देश में सनातन संस्कृति का परचम लहरा रहा है, तो वह इन्हीं बलिदानियों की वजह से है। उन्होंने मोदीजी की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे निडर होकर काम कर रहे हैं, इसीलिए विपरीत वैश्विक परिस्थितियों में भी आज भारतवासी चौन से रह पा रहे हैं।
कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन पार्षद प्रशांत बडवे, ने किया एवं जबलपुर की पूर्व महापौर स्वाति गोडबोले, ने वंदे मातरम गान किया। इस अवसर पर गिरीश जोशी, विलास बुचके, डॉ अभिनय देशमुख, सहित बड़ी संख्या में प्रदेश के मराठी भाषी उपस्थित थे।



