कलेक्टर ने समय-सीमा बैठक में विभागीय कार्यों की समीक्षा की, सीएम हेल्पलाइन, राजस्व और जल संवर्धन कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश
कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह ने की समय-सीमा एवं अंतरविभागीय समन्वय बैठक में विभागों की समीक्षा

बड़वानी; कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह कलेक्ट्रेट सभागृह बड़वानी में सोमवार आयोजित समय-सीमा सह अन्तरविभागीय समन्वय संबंधी बैठक में विभिन्न विभागों के विभागीय कार्याे की विस्तृत समीक्षा की गई।
1.सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों की समीक्षा कर कलेक्टर ने समस्त अधिकारियों को समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी विभागों के जिला नोडल अधिकारी अपने लक्ष्यों के अनुरूप प्रतिदिन कार्य करें, ताकि माह के अंत में कोई भी शिकायत लंबित न रहे। बैठक में कलेक्टर ने शिकायतों को अटेंड न करने और निम्न गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर सख्त नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों से राशि की वसूली कर रेड क्रॉस में जमा करवाने के निर्देश दिए। साथ ही, सी ग्रेड वाले विभागों को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा एल 3 और एल 4 स्तर के अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
2 .राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक में पीएम किसान सम्मान निधि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु समस्त तहसीलदारों को निर्देश दिए गए हैं। बैठक में विशेष रूप से पीएम किसान पंजीकरण,ई-केवाईसी और एनपीसीआई की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई, जिसमें तहसीलदार स्तर पर लंबित सभी प्रकरणों को तत्काल निराकृत करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही फार्मर रजिस्ट्री योजना के अंतर्गत खसरों की डिजिटल मैपिंग कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को स्पष्ट किया गया कि राजस्व अभिलेखों में खसरा मैपिंग का कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करें, जिससे भविष्य में किसानों को कृषि योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से मिल सके।
3. जल गंगा संवर्धन अभियान 2026श् के अंतर्गत जल स्रोतों के पुनरुद्धार हेतु जिले में व्यापक स्तर पर कार्य शुरू कर दिए गए हैं। अभियान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जल संवर्धन का कार्य केवल एक शासकीय दायित्व या विभागीय औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर समाज कल्याण और मानवता की सेवा से जुड़ा है। अधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा गया कि यदि हम पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ जल संरक्षण के लिए कार्य करेंगे, तो इससे न केवल समाज को नया जीवन मिलेगा, बल्कि कार्य करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को पुण्य और ख्याति भी प्राप्त होगी। अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए ग्रामीण स्तर पर जिला पंचायत सीईओ तथा नगरीय स्तर पर पी.ओ. शहरी विकास अभिकरण को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। समस्त एसडीएम, जनपद सीईओ और सीएमओ को निर्देशित किया गया है कि जहाँ भी प्रशासकीय व तकनीकी स्वीकृति लंबित है, उसे तत्काल प्रभाव से जारी करें और कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें। अधिकारी कार्यालयों तक सीमित न रहकर स्वयं मौके पर जाकर कार्यों की प्रगति की निगरानी करे।
4. जनगणना 2027 के तहत समस्त एसडीएम, जनपद सीईओ और सीएमओ को निर्देश दिए कि यह शासन का अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है और इसमें समयबद्धता अनिवार्य है। बैठक में बताया गया कि नगरीय क्षेत्र पानसेमल और खेतिया में प्रथम चरण का कार्य अंतिम चरण में है। एवं ग्रामीण क्षेत् में अब तक 85ः कार्य पूर्ण हो चुका है।
5. बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत एनीमिक महिलाओ की पहचान एवं प्रबंधन,गेहू एवं चना उपार्जन,पीएम स्वानिधि,खाद वितरण, क्रियाशील पंचायत एवं शाला भवन निर्माण,पीएम आवास की समीक्षा की गईं।
इस दौरान जिला पंचायत सीईओ सुश्री काजल जावला,अपर कलेक्टर श्री सोहन कनाश,संयुक्त कलेक्टर श्री रवि वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।



