सेंधवा। बकाया भुगतान को लेकर स्व सहायता समूह की महिलाओं ने अजजा आयोग अध्यक्ष से लगाई गुहार

सेंधवा। मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों की स्व सहायता समूह की महिलाओं ने वर्ष 2023-24 की यूनिफॉर्म सिलाई कार्य की बकाया 25 प्रतिशत राशि अब तक प्राप्त नहीं होने पर अनुसूचित जनजाति आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष अंतरसिंह आर्य से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। महिलाओं ने लंबित भुगतान शीघ्र दिलाने की मांग करते हुए अपनी आर्थिक परेशानी से अवगत कराया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार दोपहर 11 बजे बड़वानी जिले की स्व सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं प्रतिनिधिमंडल के रूप में आर्य से मिलीं। महिलाओं ने बताया कि वर्ष 2023-24 में राज्य आजीविका मिशन के अंतर्गत उन्हें सिलाई मशीनों के माध्यम से स्कूल यूनिफॉर्म तैयार करने का कार्य दिया गया था। इस कार्य के लिए प्रति यूनिफॉर्म 300 रुपए निर्धारित किए गए थे। महिलाओं के अनुसार उन्हें कुल राशि का केवल 75 प्रतिशत यानी 225 रुपए प्रति यूनिफॉर्म का भुगतान किया गया, जबकि शेष 25 प्रतिशत यानी 75 रुपए प्रति यूनिफॉर्म की राशि अब तक नहीं दी गई है। यह बकाया राशि लंबे समय से लंबित होने के कारण समूह की महिलाओं को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।

महिलाओं ने बताया कि यूनिफॉर्म तैयार करने के लिए उन्होंने व्यापारियों से कपड़ा उधार में खरीदा था, लेकिन भुगतान नहीं होने के कारण वे अब व्यापारियों का कर्ज चुकाने में असमर्थ हैं। स्थिति यह है कि कई व्यापारी अब उन्हें उधार में सामग्री देने से भी मना कर रहे हैं। महिलाओं ने शासन की महिला सशक्तिकरण और “लखपति बहन” जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि एक ओर सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर उनके द्वारा किए गए कार्य का पूरा भुगतान समय पर नहीं किया जा रहा है। ऐसे में महिलाओं के लिए आर्थिक रूप से सशक्त बन पाना मुश्किल हो रहा है। स्व सहायता समूह की महिलाओं ने पूरे मध्यप्रदेश की ओर से बड़वानी जिले के प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से ज्ञापन सौंपते हुए बकाया राशि का शीघ्र भुगतान कराने की मांग की। इस दौरान अंतरसिंह आर्य ने महिलाओं की समस्या को गंभीरता से सुना और जल्द समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से तत्काल चर्चा कर समस्या के निराकरण के निर्देश भी दिए।




