सेंधवा में कन्या कौशल शिविर का समापन, गायत्री धाम में चार दिवसीय आयोजन से बेटियों में नव चेतना का विस्तार
चार दिवसीय शिविर में संस्कार, शिक्षा और आत्मविकास के माध्यम से बालिकाओं को दी गई नई दिशा

जनोदय पंच।सेंधवा के गायत्री धाम में आयोजित चार दिवसीय कन्या कौशल शिविर का समापन उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। सांस्कृतिक कार्यक्रम, कार्यशाला और मार्गदर्शन सत्रों के माध्यम से बालिकाओं में नव चेतना विकसित की गई तथा उनके व्यक्तित्व और भविष्य निर्माण पर विशेष ध्यान दिया गया।
सेंधवा में आयोजित शिविर के चतुर्थ दिवस की शुरुआत प्रातः गायत्री धाम के संस्थापक आदरणीय पंडित जी द्वारा बालिकाओं को सरस्वती दीक्षा देकर और यज्ञ के साथ हुई। इसके बाद बालिकाओं को गोशाला में भ्रमण कराया गया। अंतिम दिवस पर विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि कर सलाहकार देवास, किशोर जी दुबे रहे। कार्यक्रम की शुरुआत देव पूजन से हुई, जिसके पश्चात बालिकाओं ने अपने अनुभव साझा किए और शिविर के महत्व तथा आधुनिक समय में इसकी आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
मार्गदर्शन और उद्बोधन
समारोह में योगेश जी पटेल द्वारा विद्यार्थी जीवन की मौलिक बातें बताते हुए उनके भविष्य पर प्रभाव को समझाया गया। मुख्य अतिथि किशोर जी दुबे ने बालिकाओं को उनके भावी जीवन के लिए मार्गदर्शन करते हुए कहा कि पहले करियर बनाए फिर अन्य बातों पर ध्यान दिया जाना चाहिए तथा सही मार्ग का चयन कैसे किया जाए, इस पर भी विस्तार से बताया। आदरणीय पंडित जी द्वारा अतिथि सम्मान कर भेंट प्रदान की गई और शिविर के चार दिवस का संक्षिप्त विवरण व प्रभाव प्रस्तुत किया गया।
भावुक विदाई और समापन
गायत्री धाम की व्यवस्थापिका श्रीमती मीरा जीजी द्वारा बालिकाओं को आशीष वचन कहकर विदाई गीत के माध्यम से भावपूर्ण विदाई दी गई। इसके बाद बालिकाओं और उनके अभिभावकों का मिलन समारोह हुआ, जिसमें सभी भावुक हो उठे और संबंधों की गहराई का अनुभव किया। सभी बालिकाओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए और भोजन के पश्चात वे अपने घरों के लिए रवाना हुईं। इस चार दिवसीय कन्या कौशल शिविर में सभी भाई-बहनों का सराहनीय योगदान रहा।



