सेंधवा में पुलिस जनसंवाद, साइबर अपराध और महिला सुरक्षा पर दिया जागरूकता संदेश, वार्डवासियों को साइबर ठगी और नशे के खिलाफ किया सतर्क
एसडीओपी अजय वाघमारे और थाना प्रभारी दिनेश सिंह कुशवाह ने नागरिकों से सीधा संवाद कर सुरक्षा संबंधी जानकारी दी

जनोदय पंच। सेंधवा शहर के वार्ड क्रमांक 14 में आयोजित पुलिस जनसंवाद कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों को साइबर अपराध, महिला सुरक्षा, नशा मुक्ति और यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम में वार्डवासियों की समस्याएं भी सुनी गईं तथा पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया।
जनसंवाद के जरिए सुरक्षा का संदेश
पुलिस अधीक्षक बड़वानी पद्मविलोचन शुक्ल के निर्देशन में शुक्रवार को सेंधवा शहर के वार्ड क्रमांक 14 में पुलिस जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में एसडीओपी अजय वाघमारे एवं थाना प्रभारी दिनेश सिंह कुशवाह ने वार्डवासियों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा सामाजिक और सुरक्षा संबंधी विषयों पर जानकारी साझा की। अधिकारियों ने कहा कि पुलिस और आमजन के बीच विश्वास मजबूत करना इस पहल का मुख्य उद्देश्य है।

साइबर अपराध, महिला सुरक्षा और नशा मुक्ति पर जागरूकता
एसडीओपी अजय वाघमारे ने नागरिकों को साइबर अपराधों से सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि अनजान कॉल, फर्जी लिंक और ओटीपी साझा करने जैसी लापरवाहियां आर्थिक अपराधों का कारण बन सकती हैं। उन्होंने संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की। थाना प्रभारी दिनेश सिंह कुशवाह ने महिला एवं बालिका सुरक्षा को पुलिस की प्राथमिकता बताते हुए निर्भया मोबाइल और अन्य हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी दी। जनसंवाद के दौरान युवाओं को नशे से दूर रहने, अवैध नशे के कारोबार की सूचना पुलिस को देने, यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट लगाने तथा सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए प्रेरित किया गया।

नागरिकों ने सराही पुलिस की पहल
कार्यक्रम में वार्ड पार्षद पति इमलुद्दीन मंसूरी, सदर वसीम खान सहित क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, समाजसेवी, युवा एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। नागरिकों ने पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग का आश्वासन दिया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने कहा कि “पुलिस आपकी मित्र है। जनसंवाद का उद्देश्य जनता के मन से पुलिस का भय दूर करना और अपराधियों में कानून का खौफ पैदा करना है।”





