खंडवा में सेना की विशेष ट्रेन रोकने के सनसनीखेज मामले में रेलवे कर्मचारी साबिर दोषी, कोर्ट ने सुनाई सख्त सजा
डोंगरगांव-सागफाटा के बीच सेना की ट्रेन रोकी, रेलवे कोर्ट ने सुनाया फैसला

जनोदय पंच। खंडवा में सेना की विशेष ट्रेन को डेटोनेटर लगाकर रोकने के मामले में रेलवे कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। ट्रैकमेन साबिर उर्फ शब्बीर को दोषी मानते हुए छह साल सश्रम कारावास और पांच हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई।
रेलवे पुलिस के मुताबिक यह घटना 18 सितंबर 2024 की है, जब जम्मू-कश्मीर से कर्नाटक जा रही सेना की विशेष ट्रेन को डोंगरगांव और सागफाटा स्टेशनों के बीच ट्रैक पर लगाए गए डेटोनेटर फटने के कारण रोकना पड़ा। घटना के बाद रेलवे टीआई संजीव कुमार समेत अन्य अधिकारियों ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। घटनास्थल से डेटोनेटर के अवशेष बरामद किए गए, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की गई।
आरपीएफ और श्वान दस्ते की मदद से पहचान
जांच के दौरान आरपीएफ टीम और श्वान दस्ते के कुत्ते “जेम्स” की मदद से करीब आठ किलोमीटर तक सर्चिंग की गई। इस सर्चिंग के आधार पर रेलवे कर्मचारी साबिर उर्फ शब्बीर की पहचान हुई। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए आईबी, एनआईए और एटीएस जैसी एजेंसियां भी जांच में शामिल हुईं और सभी पहलुओं की जांच की गई।
कोर्ट का फैसला और सजा
पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद मामला रेलवे कोर्ट में पेश किया गया, जहां सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी करार दिया गया। कोर्ट ने साबिर उर्फ शब्बीर को छह साल के सश्रम कारावास और पांच हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। इस फैसले के साथ ही मामले में न्यायिक प्रक्रिया पूरी हुई।



