बड़वानी में भीषण गर्मी के बीच NSS की पहल, परिंदों के लिए लगाए पानी के सकोरे, दिया संरक्षण का संदेश
महाविद्यालय परिसर में लगाए गए सकोरे, स्वयंसेवकों ने नियमित पानी भरने का लिया संकल्प

जनोदय पंच। बड़वानी में भीषण गर्मी के चलते शासकीय महाविद्यालय की NSS इकाई ने परिंदों के लिए पानी के सकोरे लगाए। इस पहल से पक्षियों को राहत देने के साथ जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन के प्रति जागरूकता फैलाने का संदेश दिया गया।
पहल का उद्देश्य और महत्व:
भीषण गर्मी के कारण जल स्रोतों के सूखने और तापमान में वृद्धि को देखते हुए शासकीय महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई ने परिसर में परिंदों के लिए पानी के सकोरे स्थापित किए। इस पहल का उद्देश्य पक्षियों की प्यास बुझाने के साथ समाज में जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

प्राचार्य व प्राध्यापकों की प्रतिक्रिया:
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ प्रमोद पंडित ने कहा कि “भीषण गर्मी में परिंदों के लिए दाना पानी की व्यवस्था करना अत्यंत पुनीत कार्य है। यह पहल प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति हमारी जिम्मेदारी का एहसास कराती है। जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन आज की आवश्यकता है, और NSS का यह प्रयास अनुकरणीय है।” डॉ बी.एस. मुजाल्दा वरिष्ठ प्राध्यापक ने बताया कि गर्मी में जल स्रोत सूखने से पक्षियों को पानी नहीं मिलता, जिससे उनकी मृत्यु तक हो जाती है, ऐसे में यह प्रयास महत्वपूर्ण है।

स्वयंसेवकों की सहभागिता:
कार्यक्रम अधिकारी रासेयो प्रो.आर.आर. मुवेल ने कहा कि NSS समाज सेवा और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। स्वयंसेवकों ने परिसर में विभिन्न स्थानों पर सकोरे लगाकर नियमित पानी भरने का संकल्प लिया। इस अवसर पर शीतल बैंडोड, भावना दिलीप, विक्की, अनिशा सहित स्वयंसेवकों ने जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन का संदेश दिया। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. अनिल कुमार पाटीदार स्वामी विवेकानंद करियर प्रकोष्ठ द्वारा किया गया। डॉ. गीतांजलि दसौंधी, डॉ. दिलीप पाटीदार, डॉ. आकाश आस्के, डॉ. अंतिम बाला, डॉ. पूजा मंडलोई, डॉ. रितेश भावसार, डॉ. अलकेश मुवेल, डॉ. नारायण पाटीदार सहित प्राध्यापकगण की सक्रिय सहभागिता रही।



