बड़वानी; कुपोषण एक कलंक है, इसे सामूहिक प्रयासों से मिटाना हमारा संकल्प- महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया
उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनवाडी कार्यकर्ताओं को किया सम्मानित

बड़वानी; कुपोषण समाज पर एक कलंक की तरह है, जिसे जड़ से खत्म करना हमारी प्राथमिकता है। एक बच्चे के जीवन के शुरुआती 1000 दिन पोषण और शारीरिक विकास के दृष्टिकोण से सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। यदि इस अवधि में सही देखभाल और आहार मिले, तो एक स्वस्थ भविष्य की नींव रखी जा सकती है। उक्त बातें महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने बड़वानी जिले के दौरा कार्यक्रम के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित 8वें पोषण पखवाड़ा एवं नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा अभियान के दौरान कहीं।
मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि कुपोषण की लड़ाई केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं बल्कि विभागों के आपसी तालमेल,निरंतर जागरूकता,समझाइश एवं सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से समाप्त कर सकते हैं। जनजातीय क्षेत्रों में भौगोलिक और सामाजिक चुनौतियां अधिक होती हैं, इसके बावजूद विभाग के मैदानी अमले द्वारा किया जा रहा कार्य सराहनीय है।

सुश्री भूरिया ने ग्राम बड़गाँव के चौपाल फलिया क्रमांक 3 में नवनिर्मित आँगनवाड़ी केंद्र का उद्घाटन किया। उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना और फीता काटकर केंद्र का उद्घाटन किया। उन्होने कहा कि नए केंद्र के शुरू होने से क्षेत्र के बच्चों और गर्भवती महिलाओं को बेहतर पोषण सुविधाएँ प्राप्त होंगी।

8 वें पोषण पखवाड़ा एवं नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाली 4 आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं श्रीमती गायत्री कुशवाहा, जामबाई आर्य, रंगीली जमरा एवं शांता धारवे को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इन कार्यकर्ताओं ने अपने क्षेत्रों में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना एवं लाडली लक्ष्मी योजना के शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किए हैं।
इसके पश्चात, उन्होंने पोषण पखवाड़ा के तहत आयोजित पोषण प्रदर्शनी का अवलोकन किया और वहां प्रदर्शित स्थानीय मोटे अनाजों (श्री अन्न) एवं पौष्टिक व्यंजनों के महत्व को सराहा। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, कलेक्टर श्रीमती जायती सिंह, विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।




