सेंधवा

20 दिन से लापता बुजुर्ग को मिला नया सहारा, सेंधवा से पटियाला तक इंसानियत की मिसाल

बोलने में असमर्थ बुजुर्ग की पहचान खोज निकाली, सोशल मीडिया बना जीवन की डोर

सेंधवा में इंसानियत और सेवा का एक ऐसा उदाहरण सामने आया है, जिसने हर किसी का दिल छू लिया। करीब 20 दिनों से शहर के पूर्ण आरती परिसर स्थित शंकर मंदिर में रह रहे एक बुजुर्ग की आखिरकार पहचान कर उन्हें उनके परिवार से मिलवा दिया गया

जानकारी के अनुसार, बुजुर्ग देवेंद्र कुमार जैन मंदिर परिसर में लावारिस हालत में मिले थे और बोलने में असमर्थ थे। स्थानीय लोगों ने जब इस स्थिति को देखा तो उन्होंने तुरंत आसरा फाउंडेशन ओर मानव सेवा समिति के सदस्यों से संपर्क किया संस्था के सदस्य विजय शर्मा, महेंद्र परिहार, निलेश जैन, विकास नागराज कालू भाई अशोक राठौड़, गोपाल शर्मा और जावेद खान मौके पर पहुंचे और बुजुर्ग से संवाद स्थापित करने का प्रयास किया।
बुजुर्ग स्पष्ट रूप से कुछ बता नहीं पा रहे थे, लेकिन टीम ने धैर्य नहीं खोया। प्रदेश, जिला और गांव के नामों की संभावित सूची बनाकर खोजबीन शुरू की गई। लगातार प्रयासों के बाद यह सुराग मिला कि बुजुर्ग पंजाब राज्य के निवासी हैं और उनका संबंध पटियाला जिले से है
इसके बाद मानव सेवा समिति सेंधवा द्वारा देशभर के श्योशल ग्रुप में इनकी जानकारी डाली ओर शहर की अन्य समाज सेवी संस्थाओं को भी इस अभियान में जोड़ा गया। बुजुर्ग के स्वास्थ्य की जांच कराई गई और उनकी देखभाल सुनिश्चित की गई। साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से पूरे देश में जानकारी साझा की गई
संस्थाओं की यह मेहनत जल्द ही रंग लाई। कुछ ही दिनों में बुजुर्ग के भतीजे अतुल जैन ने संपर्क किया और पुष्टि की कि यह उनके चाचा हैं। आज पंजाब के पटियाला जिले के मोहाली क्षेत्र के बेनूर गांव से परिवार के सदस्य ,अतुल जैन, सचिन जैन और सरबजीत जैन सेंधवा पहुंचे

परिवारको सामने देखकर बुजुर्ग के चेहरे पर मुस्कान लौट आई, जो इस पूरे प्रयास की सबसे बड़ी सफलता रही। बाद में सेंधवा थाने में औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर बुजुर्ग को उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया।
परिजनों ने भावुक होकर सभी सामाजिक संस्थाओं और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि अगर समाज एकजुट हो जाए तो हर मुश्किल आसान हो सकती है और इंसानियत आज भी जिंदा है

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