बड़वानी के पाटी में करीब दो साल से फरार स्थाई वारंटी गिरफ्तार, मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने पकड़ा, न्यायालय में पेश
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी बड़वानी ने जारी किया था स्थाई वारंट, बीएनएस की धाराओं में दर्ज प्रकरण में पेशी पर नहीं पहुंचा था आरोपी

जनोदय पंच। बड़वानी जिले की पाटी थाना पुलिस ने करीब दो साल से फरार स्थाई वारंटी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। आरोपी बीएनएस की धाराओं में दर्ज प्रकरण में पेशी पर उपस्थित नहीं हो रहा था। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल के निर्देशन में जिले में फरार एवं स्थाई वारंटियों की धरपकड़ के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरज बब्बर और एसडीओपी बड़वानी रोहित अलावा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी पाटी उप निरीक्षक रामदास यादव के नेतृत्व में पाटी थाना पुलिस ने स्थाई वारंटी को गिरफ्तार कर न्यायालय बड़वानी में पेश किया।
11 अक्टूबर 2024 को दर्ज हुआ था प्रकरण
11 अक्टूबर 2024 को फरियादी जितेंद्र सस्ते निवासी पाटी की रिपोर्ट पर आरोपी रघु उर्फ रगदीश पिता ठुनिया चोंगड, उम्र 47 वर्ष, निवासी पटेल फलिया ग्राम वलन, थाना पाटी के विरुद्ध थाना पाटी में अपराध क्रमांक 364/2024, धारा 296 और 351(3) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था। अनुसंधान पूर्ण होने के बाद अभियोग पत्र तैयार कर न्यायालय बड़वानी में प्रस्तुत किया गया।
पेशी पर नहीं पहुंचा, जारी हुआ स्थाई वारंट
आरोपी रघु उर्फ रगदीश को न्यायालय द्वारा पेशी पर उपस्थित होने के लिए कई बार तलब किया गया, किंतु वह न्यायालय में उपस्थित नहीं हुआ। आरोपी के करीब दो वर्ष तक फरार रहने पर प्रकरण क्रमांक Rct/595/2024 में 26 सितंबर 2026 को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, न्यायालय बड़वानी द्वारा उसके विरुद्ध स्थाई वारंट जारी किया गया, जो तामीली के लिए थाना पाटी को प्राप्त हुआ।
मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तारी
स्थाई वारंटी की शीघ्र तामीली के लिए थाना पाटी पुलिस ने मुखबिर तंत्र सक्रिय किया। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने आरोपी रघु उर्फ रगदीश पिता ठुनिया चोंगड, उम्र 47 वर्ष, निवासी पटेल फलिया ग्राम वलन, थाना पाटी को गिरफ्तार कर स्थाई वारंट तामील किया तथा न्यायालय बड़वानी में पेश किया।
कार्रवाई में इन पुलिसकर्मियों की रही भूमिका
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी पाटी उप निरीक्षक रामदास यादव, सहायक उप निरीक्षक श्रीराम फगोरे और आरक्षक क्रमांक 506 विश्राम नोरके की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



