इंदौर के पास बोरासला गांव में गरबे की धूम, 350 बालिकाओं की प्रस्तुतियों ने मोहा मन, हाईटेक लाइटिंग बनी आकर्षण
38 वर्षों से निभाई जा रही गरबा महोत्सव की परंपरा, मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा और शानदार साउंड सिस्टम ने बढ़ाई आयोजन की रौनक

जनोदय पंच। इंदौर के समीप बोरासला गांव में नवरात्रि के सातवें दिन गरबा महोत्सव में भक्ति और उत्साह का माहौल रहा। करीब 350 बालिकाओं ने आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। हाईटेक लाइटिंग, शानदार साउंड सिस्टम और मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा आयोजन के प्रमुख आकर्षण रहे।
38 वर्षों से जारी है गरबा महोत्सव की परंपरा
इंदौर के समीप बोरासला गांव में नवरात्रि के अवसर पर गरबा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यहां पिछले 38 वर्षों से लगातार गरबा आयोजन की परंपरा निभाई जा रही है। हर साल बड़ी संख्या में बालिकाएं और श्रद्धालु इस आयोजन में शामिल होते हैं। इस बार भी नवरात्रि के सातवें दिन उत्साह के साथ गरबा प्रस्तुतियां दी गईं।

350 बालिकाओं ने दी आकर्षक प्रस्तुतियां
मां दुर्गा की आराधना करते हुए करीब 350 बालिकाओं ने संगीत की मधुर धुनों पर गरबे की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। बालिकाओं की सहभागिता ने आयोजन को खास बना दिया। गरबे के माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।


हाईटेक लाइटिंग और भव्य प्रतिमा बनी आकर्षण
आयोजन स्थल पर की गई भव्य सजावट, हाईटेक लाइटिंग और शानदार साउंड सिस्टम ने कार्यक्रम की रौनक बढ़ा दी। मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही। पारंपरिक भक्ति और आधुनिक तकनीक के संगम ने आयोजन के माहौल को भक्तिमय बना दिया।
पूजा-अर्चना कर की सुख-समृद्धि की कामना
मां दुर्गा की प्रतिमा के समक्ष श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। आयोजकों का उद्देश्य वर्षों से चली आ रही धार्मिक परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और सामूहिक रूप से मां की आराधना करना है।
आयोजन से जुड़े एक व्यक्ति ने बताया कि यहां पिछले 38 वर्षों से गरबा महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। बालिकाएं पूरे उत्साह के साथ इसमें भाग लेकर मां दुर्गा की आराधना करती हैं। उनका प्रयास है कि धार्मिक परंपराओं और संस्कृति को इसी तरह आगे बढ़ाया जाए।



