सेंधवा में सेवा सारथी संस्था का निशुल्क प्रशिक्षण, छठी बैच पूर्ण, युवतियों को प्रमाण पत्र वितरित
सेंधवा मोती बाग में महिलाओं को सिलाई और मेहंदी प्रशिक्षण, छठी बैच पूरी, सम्मान समारोह आयोजित

जनोदय पंच। सेंधवा। सेवा सारथी संस्था सेंधवा महिलाओं व युवतियों को सिलाई व मेहंदी का प्रशिक्षण निशुल्क दे रही है। छठी बैच का प्रशिक्षण पूर्ण होने पर प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। शहर के मोती बाग क्षेत्र में भागीरथ नाथूलाल मंगल के निवास पर स्थित केंद्र पर दो वर्ष से प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
बैच पूर्ण, युवतियों को मिला लाभ
चार माह तक चलने वाली सिलाई और मेहंदी की यह छठी बैच पूर्ण हो चुकी है। प्रत्येक बैच में 50 से 60 युवतियों ने महिला प्रशिक्षणार्थियों से प्रशिक्षण लेकर स्वावलंबन की ओर कदम रखा है। छठी बैच के प्रशिक्षणार्थियों को सम्मान पत्र वितरित किए गए।
अतिथियों के विचार
इस अवसर पर डॉक्टर अश्विन जैन ने बताया कि सेवा भारती सेंधवा के तत्वावधान में सेवा सारथी संस्था प्रशिक्षण दे रही है। आप इस कला का अपने जीवन में पूर्ण सदुपयोग करें और जरूरत पड़ने पर ऐसे ही जरूरतमंदों को आप भी निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान करें। वहीं अंतिम बाला शर्मा ने बताया कि परिवार के साथ-साथ समाज में भी अपना योगदान दें। विशेष रूप से युवतियों को बताया कि हमारी वेशभूषा पूर्ण रूप से शालीन होना चाहिए। हमारे संस्कार ही हमारी संस्कृति को जीवित रख सकते हैं और यही भारतीय संस्कृति की पहचान है।

संस्था और सहयोगियों का योगदान
संस्था के प्रेमचंद सुराणा ने बताया कि सेवा सारथी संस्था को भागीरथ मंगल के द्वारा 2 वर्ष तक निशुल्क भवन उपलब्ध कराया गया, जिसमें सभी बहू एवं बेटियों के द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त किया गया। संस्था के सेवा कार्य को संचालित करने के लिए निःशुल्क भवन आवंटित करने पर भागीरथ मंगल एवं उनकी धर्मपत्नी स्मिता मंगल का शाल, श्रीफल एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। साथ ही सिलाई क्लास में सहयोग दे रही कविता प्रकाश सोनी का भी सम्मान किया गया।

अन्य गतिविधियां और आगामी योजना
इस अवसर पर संस्था के प्रेमचंद सुराणा, अश्विन जैन, मृदुल मंडलोई, अंतिम बाला शर्मा एवं सभी सदस्य उपस्थित रहे। सेवा सारथी संस्था ने विगत वर्ष में बेरोजगार युवकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए संस्था के खर्चे पर इंदौर भेजा था। वहां से 15 बेरोजगार युवक ढाई से तीन माह का कोर्स कर इलेक्ट्रिक रिपेयरिंग, एसी रिपेयरिंग, रेफ्रिजरेटर रिपेयरिंग, कंप्यूटर आदि कार्यों में पारंगत हुए और आत्मनिर्भर बन गए। सिलाई कोर्स की नई सातवीं बैच 1 मई से प्रारंभ हो रही है।




